केंद्रीय मंत्री का दावा: खतरे में PM मोदी की कुर्सी, जल्द गिरेगी मोदी सरकार!
साल 2019 के लोकसभा चुनावों में 303 सीट जीतकर बीजेपी ने एक बार फिर इतिहास रचा और नरेन्द्र मोदी एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री बने और सरकार भी बड़े अच्छे से चला ही रहे है, लेकिन खबर एक चौकाने वाली है कि प्रधानमंत्री मोदी की कुर्सी अब हिलने लगी है, खबर ये भी है कि मोदी कैबिनेट में अब बगावत शुरू होने लगी है और बगावत इस कदर है कि सरकार गिराने तक की धमकी दी जाने लगी है।
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दरअसल, महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों से प्रकाशित एक बहुभाषी अखबार ‘लोकमत’ के अंग्रेजी संस्करण में दो दिन पहले छपी एक खबर के मुताबिक कुछ दिनों पहले हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एक वरिष्ठ मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के अंदाज में कहा कि ”मेरे साथ 252 सांसद हैं और मैं जब चाहूं, सरकार गिरा सकता हूं। लेकिन विचारधारा से बंधा हूं, इसलिए ऐसा नहीं कर रहा हूं।
अखबार में ‘All is not well with BJP’s top leadership’ शीर्षक से छपी खबर के मुताबिक बैठक के दौरान किसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ मतभेद उभर आने पर उक्त मंत्री यह चेतावनी देने के साथ ही मोदी को यह चुनौती भी दी, ”अगर आप में हिम्मत है तो मुझे मंत्रिपरिषद से निकाल दीजिए। मंत्री से बातचीत के आधार पर दी गई इस खबर में हालांकि मंत्री के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, यह भी खबर आ रही है कि अखबार के दिल्ली स्थित जिस संवाददाता ने यह खबर दी थी, उसे अब नौकरी से निकाल दिया गया है। लोकमत टाइम्स ने ये स्टोरी प्रकाशित करके दिल्ली दरबार में सनसनी फैला दी है।
जिसमें कहा गया है कि मंत्रिमंडल की बैठक में एक मंत्री ने दावा किया कि वे अपने साथ 252 सांसद ले जाकर मोदी सरकार को गिराने की ताक़त रखते हैं। चूंकि वे विचारधारा से बंधे रहे हैं लिहाजा ऐसा कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। वहीं रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि योगी आदित्यनाथ के दूसरी बार निर्णायक जनादेश जीतने के बाद मोदी ने पंकज सिंह को यूपी सरकार में मंत्री बनने से रोका था। बता दें कि, पंकज सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं और नोएडा से विधायक हैं।

पंकज सिंह लगातार दूसरी बार विधायक बने है। यह रिपोर्ट सामने आने के बाद इस ख़बर को लेकर सोशल मीडिया पर तूफान मचा हुआ हैं। मोदी के आलोचक जहां सरकार पर कटाक्ष कर रहे हैं तो वहीं उनके समर्थक इंटरव्यू को लेकर महाराष्ट्र के इस अखबार पर कटाक्ष कर रहे हैं।
नोट: इस खबर के तथ्यों से हमारा कोई संबंध नहीं है और इस खबर का आधार लोकमत टाइम्स में छपा लेख है।





