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जयपुर संभाग

अनामिका के संघर्ष ने पेश की नई मिसाल, जरूर पढ़े इस मासूम बेटी की दर्द भरी कहानी

प्रकाशित: May 27, 2023 15:22रिपोर्ट: Navtej TV

कुछ करने का जज्बा हो और खुद पर यकीन हो तो कोई भी बाधा आपको कामयाब होने से रोक नहीं सकती..ये बात पिलानी की अनामिका कुमावत ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की 12वीं कक्षा में 93.40% अंक प्राप्त कर साबित कर दी है..परिणाम की सूचना के बाद बच्ची के घर पर उत्सव का माहौल है..तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अनामिका ने देवरोड़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पढ़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है..

अनामिका के संघर्ष की कहानी भी किसी को भी अचंभित कर सकती है..अनामिका के पिता विद्याधर कुमावत की मूंदड़ा स्कूल के पास किराने की छोटी सी दुकान है.. पिता की दोनों किडनियां खराब हैं, हफ्ते में 2 बार डायलिसिस करवानी पड़ती है..अनामिका भी आंखों की गम्भीर समस्या से जूझ रही है, विजन बहुत कम है. आंखों पर -7 नंबर चश्मा...सिर्फ थोड़ा बहुत देख पाने में ही मददगार है.

किताबों को बहुत पास ला कर देखना पड़ता है, तब कुछ पढ़ पाती है.. विजन को लेकर परेशानी के चलते कोशिश की थी कि दिव्यांग श्रेणी का सर्टिफिकेट बन जाए, लेकिन नहीं बन पाया। आंख की रोशनी वापस भी आ सकती है लेकिन ऑपरेशन के लिए भी आर्थिक स्थिति आड़े आ जाती है..पढ़ाई पूरी कर अनामिका टीचर बनना चाहती है..

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अनामिका की विलक्षण प्रतिभा के कायल स्कूल के सभी अध्यापक-अध्यापिका हैं.क्लास में जो पढ़ाया जाता है, उसे सिर्फ सुन कर याद कर लेती है और घर पर कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर रिवीजन करती है....परीक्षा से कुछ महिने पहले ही पता चला कि पापा की किडनी की समस्या बहुत गम्भीर है, पूरा परिवार इस खबर से स्तब्ध रह गया.... लेकिन फिर खुद को मानसिक रूप से तैयार किया और पढ़ाई में जुट गई अनामिका।

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हालात ये हैं कि पिता जब डायलिसिस के दर्द से गुजरते हैं, तब दुकान भी अपनी बहनों के साथ अनामिका ही संभालती है. अनामिका ने बताया कि पढ़ाई में ठीक थी तो 10वीं तक पिलानी की ही पाडिया स्कूल में पढ़ाई की, तब बोर्ड परीक्षा में 89% अंक हासिल किए थे। लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, तो फीस के अभाव में शहर के किसी भी विध्यालय में प्रवेश नहीं मिला। मजबूरन देवरोड़ के सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया.

अनामिका का परीक्षा परिणाम उन निजी स्कूल संचालकों के लिए भी एक सबक है, जो फीस के अभाव में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं देते। बता दे की अनामिका की तीन बहनें और हैं, 2 बड़ी बहनें अंकिता और प्रियंका पिलानी के साबू कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं, छोटी बहन आईशा भी अनामिका के साथ ही देवरोड़ स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ रही है.