मौलवियों ने किया मुस्लमानों को बर्बाद: तारिक ने खोला इस्लाम का काला चिट्ठा!
इन दिनों देश में जबरदस्त हिंसा का माहौल बना हुआ है और धर्म के नाम शहर-शहर आगजनी की खबरे देखने को मिल रही हैं। इस हिंसा को भड़काने वाले लोग धर्म के नाम लोगों को गुमराह कर रहें है और इसी वजह से शुक्रवार के दिन देश के कई शहरों में हिंसा फैल रही है।
मुस्लिम धर्म गुरू इसको लेकर अपनी अलग अलग राय रख रहे है लेकिन इस मामले में पहली बार पाकिस्तानी मूल के कनाडाई पत्रकार और लेखक तारिक फतेह ने अपनी राय रखी है। तारिक ने कहा कि भारत में जो हिंसा फैल रही है वह सोची समझी चाल है और धर्म के नाम पर लोगों को भड़काया जा रहा है।
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इन्होंने कहा नूपुर शर्मा का बयान ठीक नहीं था, लेकिन शिवलिंग को लेकर जो तंज कसे जा रहे थे वह भी सही नहीं है। भारत में सबको बोलने का अधिकार है अगर किसी ने गलत कहा है तो उस पर पुलिस कार्यवाही होती है और कोर्ट फैसला करता है। लेकिन कुछ लोग कानून के दायरे से बाहर जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
यही वजह है कि दुनिया भर में मुस्लिम पिछड़े हुए है। हिंसा के दौरान लूटपाट करना, गर्दन काटना, पथराव करना और घर जलाना बहुत गलत है।
देश में बढ़ रहे उपद्रव के लिए मैं मौलवियों को जिम्मेदार मानता हूं क्योंकि उनके कहने से ही वह ऐसा कर रहे हैं। देश का विभाजन धर्म के नाम हुआ था लेकिन इसके बाद भी मुस्लमानों को भारत में पूरा हक मिला है लेकिन वह इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं। कुछ लोगों को लगता है कि जब तक सारे मंदिरों को नष्ट न कर दिया जाए और हिंदुओं को मार न दिया जाए तब तक वह ऐसा करते रहेंगे।

नूपुर शर्मा के बयान पर मुस्लिम देशों की आपत्ति पर एक भारतीय मुसलमान का खुश नहीं अच्छी बात नहीं है। उनको यह तक नहीं पता कि कतर में वोट देने का अधिकार नहीं है। छोटी से बात पर मौलवी फतवा जारी कर देंगे और मार-काट के अलावा कुछ आता नहीं है। भारतीय मुसलमानों को अपने देश से ज्यादा कतर पर विश्वास है जो सही बात नहीं है। मुसलमानों को आगे बढ़कर ज्ञानवापी और मथुरा जैसे विवादों को हल करना चाहिए ताकि देश में भाईचारा बना रहें।





