यूपी चुनावों पर मंडराने लगा ओमिक्रॉन का खतरा, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने की ये बड़ी अपील
दुनिया भर में कोरोना के नए वैरिंएट ओमीक्रॉन का खतरा दिनों—दिन बढ़ता ही जा रहा है और अब भारत में इसके मरीजों का ग्राफ 300 के पार पहुंच गया है। ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है लेकिन इसके बाद भारत में इसको लेकर इतनी सख्ती नहीं होने से कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावन ज्यादा बढ़ गयी है। वैज्ञानिकों और दुनिया के सभी देशों ने जनवरी और फरवरी में ओमिक्रॉन का खतरा ज्यादा होने का दावा किया है। वहीं बात करें भारत की तो केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही गंभीर लापरवाही बरत रही है और तीसरी लहर को आने का न्यौता दे रही है।
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दिसंबर के अन्त तक कई राज्यों ने नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है लेकिन चुनावी रैलियों और अन्य बड़े कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगा रहे हैं। अगर भीड़ को इसी तरह जमा करते गये तो वह दिन दूर नहीं जब भारत में कोरोना की तीसरी लहर लोगों के लिए काल बनकर आएगी। यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियां लोगों की जान खतरे में डालते हुए रैलियां कर रही है और लाखों लोगों की भीड़ जुटा रही है।
ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त से यूपी विधानसभा चुनाव कुछ समय के लिए टालने की अपील की है। कोर्ट ने कहा कि चुनावों में देरी होने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा लेकिन ओमिक्रॉन से जान और माल दोनों का नुकसान होगा।
कोर्ट ने सुझाव दिया कि ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार टीवी व समाचार पत्रों के माध्यम से करने करना चाहिए। कोरोना के नए वेरिएंट के मरीज बढ़ रहे हैं और तीसरी लहर दस्तक देने की तैयारी में है। इससे पहले भी चुनावों के समय में बड़ी संख्या में लोगों की जान गयी थी और उस बात को ध्यान में रखते हुए यूपी चुनावों पर थोड़े दिन के लिए टाल देना चाहिए।

पीएम ने कोरोना को रोकने के लिए देशव्यापी टीकाकरण अभियान चलाया है जो बहुत ही प्रंशसा के लायक है। लेकिन चुनावी रैलियों में उमड़ी भीड़ पीएम के इस अभियान को असफल बना देगी। कोर्ट ने चुनावों को टालने के आदेश की प्रति रजिस्ट्रार जनरल, चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार को प्रेषित की है।





