खूबसूरत दिखने के लिए पीने लगी लड़कियों का खून, जानें इस महिला की कहानी
दुनिया के कई ऐसे सीरियल किलर्स है, जिन्होंने सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इनमें से ज्यादातर मर्द थे। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं जो जितनी खूबसूरत थी उतनी ही ज्यादा ही खतरनाक भी थीए उस महिला को शौक था कुंवारी लड़कियों के खून से नहाने काण्ण् इस खूंखार और खूबसूरत औरत का नाम था एलिजाबेथ बाथरीए इंसानी इतिहास में उससे बेहद खूबसूरत और खूंखार लेडी सीरियल किलर कोई दूसरी नहीं होगीण् उसने जितनी बेरहमी से 650 क़त्ल किए उसके बारे में सोचना भी मुश्किल है।
उम्र के जिस पड़ाव में लड़कियां खुले आसमां में उड़ना चाहतीं थींण् उसी उम्र में ऐसी लड़कियों को एलिजाबेथ बाथरी अपने महल में आने को मजबूर कर देती थीण् फिर उन्हें तड़पाती थीण् इसके बाद उनके खून को बाथ टब में भरकर उसी से नहाती थी वो भी सिर्फ इस उम्मीद में कि वो ताउम्र खुद जवान रहेगी खूबसूरत रहेगी। हंगरी देश की ये कहानी 1558 से 1610 के बीच की हैए बाथरी के योद्धा फेरेंक नैडस्डी की पत्नी थी एलिजाबेथ बाथरी वो इतनी खूबसूरत थी कि उनकी खूबसूरती के खूब चर्चे होते थे एलिजाबेथ के एक आदेश पर महल में नौकरों की लाइन लग जाती थी लेकिन समय के साथ एलिजाबेथ को अपनी खूबसूरती पर इतना घमंड हो गया कि उसे कोई ये कह देता था कि अब उम्र ज्यादा हो रही हैए तो वो गुस्सा हो जाती थी वो भूत पिशाच और ना जाने ऐसी कितनी किताबों पर भरोसा करती थी जिसमें इंसानों को मारकर अपनी इच्छा पूरी करने की बातें होतीं थीं।
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एक बार एलिजाबेथ ने किसी के मुंह से ये सुन लिया था कि एक राजकुमारी कभी कुंवारी लड़कियों के खून से नहाकर हमेशा जवान और खूबसूरत रहती थी बस इस बातों की एलिजाबेथ पर सनक सवार हो गई वो सोचने लगी कि अगर वो कुंवारी लड़कियों के ताजा खून से नहाएगी तो वो हमेशा जवान रहेगीए बस इसी सनक को पूरा करने के लिए वो खुद शैतान बन गईए वो अपने 3 नौकरों की मदद से अपनी सनक को पूरा करने लगीए शुरुआत में उसने उन लड़कियों को निशाना बनाया जो गरीब परिवार से होतीं थीं औऱ उनकी उम्र 16 साल के आसपास होती थी ऐसी कुंवारी लड़कियों को महल में काम करने के लिए बुलाया जाता था और लड़कियों को मारकर उनका खून निकालकर उसी से नहाती थीए 1604 में पति फेरेंक नैडस्डी की मौत के बाद एलिजाबेथ बाथरी पूरी तरह से शैतान बन गईए अब वो लड़कियों को ऐसी यातनाएं देने लगी थी जिसे जानकर लोगों की रूह कांप जाती थी
लड़कियों को नाजुक अंगों से इस कदर नफरत हो गई कि मारने से पहले वो उन्हें तड़पाती थीण् लड़कियों को जंजीर से बांधकर उनके हाथ और पैरों को गर्म लोहे से जला देती थी कभी खुद उनके चेहरे और ब्रेस्ट को दांतों से काटती थीण् किसी लड़की के नाखून अच्छे दिखते तो उसे उखाड़ देती थी कई बार बिना कपड़ों के बदन पर बर्फ वाला पानी डालती थी तो कभी नंगे बदन ही ठंड में छोड़ देती थी कई बार तो वो उनकी बदन पर शहद लगा देती थी ताकी कीड़े उन्हें बुरी तरह से काट सकेंण् अगर कोई लड़की खूबसूरत होती तो उसके स्तन यानी ब्रेस्ट और चेहरे को भी काटकर मांस के टुकड़े निकाल देती थी दावा तो ये भी किया जाता है कि एलिजाबेथ बाथरी कैंची से लड़कियों के नाजुक अंगों का काट देती थी कई बार प्राइवेट पार्ट को भी कैंची से काट देती थीण् इससे भी ज्यादा भयावह और दरिंदगी से वो यातना देती है जिसे हम शब्दों में नहीं लिख सकते हैं। फिर कुछ लड़कियां एलिजाबेथ की यातना से बचकर महल से भागकर बाहर आ गईं और हंगरी किंग मथायस.द्वितीय से शिकायत कर दी।

तो मामले की जांच कराई गई जिसमें सामने आया कि एलिजाबाथ बाथरी ने 1590 से 1610 यानी 20 सालों में 650 से ज्यादा कुंवारी लड़कियों की तड़पा.तड़पाकर हत्या की थी जिसके बाद राजशाही सेना ने एलिजाबेथ के 3 नौकरों को गिरफ्तार कर फांसी पर लटका दिया गया और एलिजाबेथ को ताउम्र एक कमरे में बंद रखने की सजा दी गई थी उसी कमरे में 21 अगस्त 1614 को उसने आखिरी सांस ली इस तरह 1610 में गिरफ्तारी के 4 साल बाद उसने दम तोड़ दिया।





