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तकनीकी

अब AI करेगा आपके लिए UPI पेमेंट: NPCI ला रहा 'यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल', जानिए कैसे करेगा काम

NPCI यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल (UAP) विकसित कर रहा है, जो एक वेरिफिकेशन लेयर के रूप में AI एजेंटों को यूजर की सहमति और तय सीमा के भीतर सुरक्षित UPI पेमेंट करने में सक्षम बनाएगा।

प्रकाशित: Jul 10, 2026 00:18रिपोर्ट: HarshitaIndiaDeveloping

मुख्य बातें

  • NPCI यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल (UAP) विकसित कर रहा है
  • UAP मौजूदा UPI इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर एक वेरिफिकेशन लेयर होगा
  • AI एजेंट यूजर द्वारा तय की गई लिमिट के भीतर ही पेमेंट कर सकेंगे
  • इसे लागू करने के लिए RBI की मंजूरी अनिवार्य है

डिजिटल पेमेंट की दुनिया में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) 'यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल' (UAP) नाम का एक नया फ्रेमवर्क विकसित कर रहा है। इसके लागू होने के बाद, आपके AI असिस्टेंट न केवल फ्लाइट या शॉपिंग के लिए विकल्प चुन सकेंगे, बल्कि आपकी ओर से UPI पेमेंट भी कर पाएंगे।

क्या है UAP और कैसे करेगा काम? वर्तमान में, AI एजेंट सर्च और तुलना तो कर सकते हैं, लेकिन UPI ट्रांजैक्शन के लिए मानवीय हस्तक्षेप जरूरी होता है। UAP मौजूदा UPI सिस्टम को बदले बिना उसके ऊपर एक 'वेरिफिकेशन लेयर' की तरह काम करेगा। यह एक सुरक्षित और इंटरऑपरेबल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिसके जरिए रजिस्टर्ड और भरोसेमंद AI एजेंट्स को पेमेंट करने की अनुमति मिलेगी।

पेमेंट का संभावित फ्लो कुछ इस तरह होगा:

  • यूजर AI को निर्देश देगा।
  • AI सबसे बेहतर विकल्प चुनकर पेमेंट रिक्वेस्ट जनरेट करेगा।
  • UAP यह सत्यापित करेगा कि AI एजेंट यूजर द्वारा अधिकृत और भरोसेमंद है।
  • अंत में, यूजर द्वारा अप्रूवल मिलने या तय लिमिट के भीतर ऑटो-पेमेंट के जरिए ट्रांजैक्शन पूरा हो जाएगा।

क्या AI को मिलेगा आपके खाते का पूरा एक्सेस? नहीं, यह सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित होगा। NPCI इस फ्रेमवर्क को UPI के 'ऑटो-पे' (AutoPay) और 'रिजर्व पे' जैसे फीचर्स की तर्ज पर डिजाइन कर रहा है। इसमें यूजर को AI को खाते का अनियंत्रित एक्सेस देने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, यूजर पहले से ही एक 'स्पेंडिंग लिमिट' तय करेगा और केवल उसी सीमा तक AI पेमेंट कर पाएगा। इस प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने के लिए NPCI को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी की आवश्यकता होगी।

सुरक्षा और चुनौतियां हालांकि यह तकनीक भविष्य के लिए क्रांतिकारी है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी जुड़ी हैं। साइबर विशेषज्ञ फर्जी AI एजेंटों, अनधिकृत पेमेंट और गलत ट्रांजैक्शन के जोखिमों को लेकर आगाह कर रहे हैं। इस फ्रेमवर्क में जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर स्पष्ट नियम बनाना अनिवार्य होगा। यदि यह सफलतापूर्वक लागू होता है, तो भारत 'एजेंटिक पेमेंट' के लिए राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा तैयार करने वाला दुनिया का पहला देश बन सकता है, जिससे UPI का उपयोग करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल (UAP) क्या है?

UAP एक प्रस्तावित फ्रेमवर्क है जिसे NPCI द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह AI एजेंटों को UPI इकोसिस्टम के भीतर सुरक्षित और अधिकृत तरीके से पेमेंट करने की अनुमति देने के लिए एक वेरिफिकेशन लेयर के रूप में काम करेगा।

क्या UAP से AI को मेरे बैंक खाते का पूरा कंट्रोल मिल जाएगा?

नहीं, यह सिस्टम पूरी तरह से नियंत्रित होगा। यह UPI के ऑटो-पे फीचर्स की तरह काम करेगा, जहाँ यूजर पहले से एक खर्च सीमा (spending limit) तय करेगा, जिससे AI केवल अधिकृत ट्रांजैक्शन ही कर पाएगा।

UAP को लागू करने के लिए किसकी मंजूरी चाहिए?

NPCI को इस नए प्रोटोकॉल को रोल आउट करने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से औपचारिक मंजूरी लेनी होगी।