मणिपुर हिंसा को लेकर अमित शाह की अंतिम चेतावनी, सर्च ऑपरेशन से आएगी शांति
मणिपुर में हिंसा की आग अभी रूकने का नाम नहीं ले रही है और इसी वजह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार राहत शिविर का दौरा करके शांति की अपिल कर रहे है। लेकिन इसके बाद भी उग्रवादी अपनी हरकतो से बाज नहीं आ रहे है और लगातार हिंसा की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। केंद्रीय गृह शाह ने बुधवार को मणिपुर के इंफाल में मेइती राहत शिविर का दौरा करके हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया है।
शाह ने कहा एक गलतफहमी के कारण मणिपुर हिंसा हुई है। इस हिंसा के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गई है। हिंसा को रोकने के लिए और इसकी जांच करने के लिए CBI कल से सर्च ऑपरेशन शुरू करेगी। 4 दिन के दौरे पर शाह रहेंगे और हिंसा प्रभवित इलाकों का दौरा करेंगे। मणिपुर में जल्द शांति बहाल के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही लोगों की घरों में वापसी की जाएगी।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मीटिंग करके शांति बनाने को लेकर चर्चा की है। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। मणिपुर में करीब एक महीने से हिंसा हो रही है लेकिन अभी तक शांति नहीं बन पाई है। सेना और असम राइफल्स ने एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चला रखा है। हिंसा का कारण आरक्षण का मुद्दा बताया जा रहा है।
Jaipur News: साइकिल यात्रा से लोगों को करेंगे जागरुक, ताकि सुधरे बिगड़ता मौसम
इस हिंसा की शुरूआत तीन मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन मणिपुर ने 'आदिवासी एकता मार्च' निकाला तो इसके बाद आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़प हो गई जो बाद में हिंसा के रूप में बदल गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को तितर-बितर तो कर दिया लेकिन हालात इतने बिगड़ गए की केंद्र से सेना बुलाना पड़ी।



