बीसलपुर बांध जलस्तर: अगस्त में छलकने की उम्मीद धीमी, 48 घंटे में महज एक सेंटीमीटर बढ़ रहा गेज
मानसून की बेरुखी और कैचमेंट एरिया में बारिश थमने के कारण बीसलपुर बांध का जलस्तर बेहद धीमी गति से बढ़ रहा है। जलापूर्ति और वाष्पीकरण के बाद 22 अगस्त तक बांध का गेज 314.06 आरएल मीटर दर्ज किया गया है, जिससे इस बार अगस्त में बांध के छलकने की उम्मीदें कम होती नजर आ रही हैं।
मुख्य बातें
- 22 अगस्त 2024 को बीसलपुर बांध का गेज 314.06 आरएल मीटर दर्ज किया गया।
- बांध में कुल जलभराव 28.702 टीएमसी है।
- त्रिवेणी का गेज घटकर 10 सेंटीमीटर की गिरावट के साथ 2.40 मीटर रह गया है।
- इस मानसून सीजन में अब तक कुल 501 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की जलापूर्ति का मुख्य आधार माने जाने वाले बीसलपुर बांध के इस साल अगस्त में छलकने की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगी हैं। मानसून की बेरुखी और कैचमेंट एरिया में बारिश थमने के चलते बांध का जलस्तर बेहद धीमी गति से बढ़ रहा है। मौजूदा स्थिति यह है कि जलापूर्ति और वाष्पीकरण में खर्च होने वाले पानी के बाद बांध का गेज दो दिन में महज एक सेंटीमीटर ही बढ़ पा रहा है।
बीसलपुर बांध परियोजना के सहायक अभियंता दिनेश बैरवा के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह से बांध के कैचमेंट एरिया और आसपास के जलभराव क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। पिछले 24 घंटे के दौरान बांध क्षेत्र में बारिश शून्य दर्ज की गई, जिससे बनास नदी के जरिए बांध में पानी की आवक लगभग रुक सी गई है। इस पूरे मानसून सीजन में अब तक बांध क्षेत्र में कुल 501 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
पिछले चार दिनों का जलस्तर डेटा
बांध नियंत्रण कक्ष से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जलस्तर में नाममात्र का बदलाव देखा गया है:
- 19 अगस्त: बांध का गेज 314.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया, जिसमें कुल 28.633 टीएमसी पानी उपलब्ध था।
- 20 अगस्त: इस दिन जलस्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ और गेज 314.05 आरएल मीटर पर स्थिर रहा।
- 21 अगस्त: गेज में एक सेंटीमीटर की हल्की बढ़ोतरी हुई और यह 314.06 आरएल मीटर पर पहुंचा, जिससे जलभराव बढ़कर 28.702 टीएमसी हो गया।
- 22 अगस्त: सुबह 6 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, बांध का गेज 314.06 आरएल मीटर पर ही स्थिर बना हुआ है।
त्रिवेणी का गेज घटने से थमी पानी की आवक
बांध में पानी की आवक घटने का एक बड़ा कारण भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी संगम के जलस्तर में गिरावट है। त्रिवेणी का गेज 10 सेंटीमीटर घटकर 2.40 मीटर पर आ गया है। चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा से बनास नदी के रास्ते आने वाले पानी की रफ्तार धीमी होने का सीधा असर बीसलपुर बांध के कैचमेंट पर पड़ रहा है।
परियोजना के अभियंताओं का कहना है कि बांध से रोजाना लगभग एक सेंटीमीटर पानी शहरों की जलापूर्ति और प्राकृतिक वाष्पीकरण में खर्च हो रहा है। इसके मुकाबले, बनास नदी की बजरी के नीचे से रिसकर आ रहा पानी ही एकमात्र सहारा बचा है। नदी की सतह पर पानी नजर नहीं आ रहा है, लेकिन बजरी के नीचे बह रही यह जलधारा अत्यंत धीमी गति से बांध तक पहुंच रही है, जिससे 48 घंटे में बमुश्किल एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीसलपुर बांध का जलस्तर क्या है?
22 अगस्त 2024 की सुबह तक बीसलपुर बांध का गेज 314.06 आरएल मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 28.702 टीएमसी पानी उपलब्ध है।
बांध का जलस्तर इतनी धीमी गति से क्यों बढ़ रहा है?
कैचमेंट एरिया में बारिश थमने और त्रिवेणी का गेज 2.40 मीटर पर आने के कारण बनास नदी से पानी की आवक बेहद कम हो गई है। जलापूर्ति और वाष्पीकरण के बाद अब 48 घंटे में केवल एक सेंटीमीटर पानी ही बढ़ रहा है।
इस मानसून सीजन में अब तक कितनी बारिश हुई है?
बीसलपुर बांध क्षेत्र में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 501 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है।
बीसलपुर बांध किन जिलों के लिए महत्वपूर्ण है?
बीसलपुर बांध राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की पेयजल आवश्यकताओं का मुख्य स्रोत है।




