छोटे बच्चों को दिमागी रूप से कमजोर बना रहा है मोबाइल फोन, आज ही बनाए दूरी
आज के समय बड़े और बच्चे दोनों ही मोबाइल फोन पर इतना व्यस्त होते है कि उनको अन्य किसी से कोई मतलब नहीं होता है। लेकिन एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि अगर बच्चे ज्यादा समय तक फोन का इस्तेमाल करते है तो यह उनके दिमाग को कमजोर बनाता है। इसके कारण बच्चे आगे चलकर बहुत ज्यादा दिमागी रूप से कमजोर हो जाएंगे और ऐसा उनके जीवन के लिए बहुत बड़ा नुकसान साबित होता है।
क्योंकि महिलाएं बहुत ज्यादा काम में व्यस्त रहती है या फिर अकेली रहती है तो वह अपने बच्चों को खेलने के लिए फोन देती है और इसके बाद वह खेलने में मस्त हो जाता है। लेकिन समय के साथ यह उसकी आदत बन जाती है और आगे चलकर यह उनके दिमाग को प्रभावित करती है। लेकिन वह बच्चा बाहर की दुनिया से कट जाता है और फोन में व्यस्त हो जाता है।
रिसर्च में इस बात का दावा किया गया है कि कम उम्र में बच्चों को फोन थमाने से उनका मानसिक विकास प्रभावित होता है। स्मार्टफोन का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने से वह दूसरे लोगों के साथ बातचीत करने में डरते है। अकेले रहना पसंद करते है। इस नकारात्मक प्रभाव से बच्चों को बचाना है तो गैजेट्स से दूर करना होगा। वह थोड़े समय के लिए जिद करते है लेकिन इसके बाद वह समझ जाते है। बच्चे अक्सर परिवार के लोगों को देखकर ही सिखते है और इससे बचने के लिए माता-पिता को भी फोन का इस्तेमाल कम करना चाहिए।
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बच्चों आंखों की रोशनी के साथ उनका दिमाग और बोलने की क्षमता बहुत कम विकसित हो पाती है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुनिया में जाने के बाद बच्चे बाहरी दुनिया से दूरी बनाना शुरू कर देते है। वर्चुअल दुनिया में डूब जाने के बाद बाहरी दुनिया के प्रति उनका लगाव खत्म हो जाता है।





