डेंगू-मलेरिया का खतरा: स्वास्थ्य मंत्रालय ने राजस्थान के 8 जिलों को किया 'हाई रिस्क' घोषित
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों के डेटा के आधार पर राजस्थान के 8 जिलों सहित देश भर के कई जिलों को डेंगू और मलेरिया के लिए हाई रिस्क घोषित किया है और राज्यों को बचाव के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्य बातें
- राजस्थान के 8 जिले हाई रिस्क श्रेणी में
- पिछले 3 साल में 500 से ज्यादा केस वाले जिले चिह्नित
- उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 23 हाई रिस्क जिले
- हर सप्ताह ड्राइंग-डे एक्टिविटी अनिवार्य
इस साल मानसून के कमजोर रहने और बढ़ती गर्मी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौसमी बीमारियों को लेकर अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने देश भर के उन जिलों की सूची तैयार की है, जहां डेंगू और मलेरिया के फैलने की आशंका सबसे अधिक है। इस लिस्ट में राजस्थान के जयपुर समेत 8 जिलों को 'हाई रिस्क' श्रेणी में रखा गया है।
3 साल के आंकड़ों पर आधारित है लिस्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले तीन वर्षों के डेटा का विश्लेषण करने के बाद इन जिलों का चयन किया है। जिन क्षेत्रों में डेंगू और मलेरिया के 500 या उससे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, उन्हें विशेष निगरानी वाले जिलों की सूची में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर बचाव की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्यों में स्थिति और तैयारी
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 23 जिले हाई रिस्क में हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 15, पश्चिम बंगाल में 13, बिहार व पंजाब में 9-9, हरियाणा में 8, दिल्ली में 7, मध्य प्रदेश, गुजरात व उत्तराखंड में 4-4 और छत्तीसगढ़ में 1 जिला इस सूची में शामिल है।
मच्छर पनपने से रोकने के निर्देश
हाई रिस्क जिलों में मच्छरों के प्रसार को रोकने के लिए मंत्रालय ने हर सप्ताह 'ड्राइंग-डे एक्टिविटी' चलाने का आदेश दिया है। इसके तहत एंटीलार्वा गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा और आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही, राज्यों को रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित करने, पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक रखने और ब्लड व ब्लड कॉम्पोनेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्वास्थ्य मंत्रालय ने किन जिलों को हाई रिस्क घोषित किया है?
मंत्रालय ने उन जिलों को हाई रिस्क माना है जहां पिछले तीन वर्षों में डेंगू और मलेरिया के 500 या उससे ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं।
राजस्थान के कितने जिले इस सूची में शामिल हैं?
राजस्थान के 8 जिलों को डेंगू-मलेरिया के लिहाज से हाई रिस्क एरिया में रखा गया है, जिसमें जयपुर भी शामिल है।
मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए क्या उपाय सुझाए गए हैं?
मंत्रालय ने हर सप्ताह ड्राइंग-डे एक्टिविटी करने, एंटीलार्वा अभियान चलाने और रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।





