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पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर अनिवार्य होगी लाल चेतावनी: FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किया फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग का प्रस्ताव

FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अधिक फैट, चीनी और नमक वाले पैकेज्ड फूड पर लाल रंग के षटकोणीय वार्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे दो चरणों में लागू किया जाएगा।

प्रकाशित: Aug 28, 2026 22:55रिपोर्ट: HarshitaNew Delhi, IndiaVerified

मुख्य बातें

  • FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर लाल रंग के षटकोणीय वार्निंग लेबल का प्रस्ताव रखा है।
  • यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के 13 अगस्त के आदेश के अनुपालन में दाखिल किया गया है।
  • लेबलिंग सिस्टम दो चरणों में लागू होगा, जिसमें पहले चरण में दो या अधिक पोषक तत्वों की अधिकता वाले उत्पाद कवर होंगे।
  • घी, तेल, नमक, चीनी और शहद जैसे उत्पादों को इस नियम से छूट दी गई है।

पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स में अधिक मात्रा में फैट, शुगर और सॉल्ट होने पर अब पैकेट के सामने लाल रंग का षटकोणीय (hexagonal) वार्निंग लेबल लगाना होगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट में एक अनुपालन हलफनामा दाखिल कर यह प्रस्ताव रखा है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की उस सख्त टिप्पणी के दो हफ्ते बाद उठाया गया है, जिसमें अदालत ने चेतावनी लेबल लगाने में देरी पर सवाल उठाए थे।

FSSAI के संयुक्त निदेशक डॉ. कविता रामासामी की तरफ से दाखिल हलफनामे के मुताबिक, यह फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग (FoPNL) सिस्टम चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में उन उत्पादों को कवर किया जाएगा जिनमें तय मानकों से ज्यादा कोई दो या अधिक पोषक तत्व — यानी एडेड फैट, एडेड शुगर या सॉल्ट — मौजूद होंगे। इसके अलावा, खास मीठे पेय पदार्थों के लिए अलग से "HIGHLY SWEETENED BEVERAGE" का वार्निंग लेबल भी प्रस्तावित किया गया है।

क्या होंगे पैमाने और वार्निंग के दायरे

नए प्रस्ताव के तहत वार्निंग लेबल पर "HIGH FAT", "HIGH SUGAR" और "HIGH SALT" जैसे शब्द लिखे होंगे। जो उत्पाद दो मानदंडों पर खरे उतरेंगे, उन पर दोहरी चेतावनी जैसे "HIGH FAT HIGH SALT" या "HIGH FAT HIGH SUGAR" प्रदर्शित की जाएगी।

इन वार्निंग्स के लिए तय सीमाएं ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) द्वारा जारी ‘डाइटरी गाइडलाइंस फॉर इंडियंस, 2024’ के आधार पर तय की गई हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ये लेबल खाद्य उत्पादों के पीछे दी गई पोषण संबंधी जानकारी (nutritional information table) के फॉन्ट साइज से एक पॉइंट बड़े फॉन्ट में छापने होंगे, ताकि ग्राहक इसे आसानी से देख सकें।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आया बदलाव

यह पूरा प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट के 13 अगस्त के आदेश के बाद सामने आया है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने केंद्र सरकार और FSSAI को दो हफ्ते के भीतर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग पर अपना अंतिम फैसला रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने खाद्य निर्माताओं के दबाव की आशंका पर सवाल उठाते हुए कड़ी चेतावनी दी थी कि यह उनका आखिरी मौका है।

अदालत ने कहा था कि सरकार देश के नागरिकों और खासतौर पर बढ़ते बच्चों को स्वस्थ रखना क्यों नहीं चाहती। बेंच ने स्पष्ट किया था कि अदालत का उद्देश्य किसी खास खाद्य पदार्थ पर प्रतिबंध लगाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ता खरीदने से पहले यह जान सकें कि वे क्या खा रहे हैं। इस मामले में मूल जनहित याचिका (PIL) ‘3S एंड आवर हेल्थ Society’ द्वारा दायर की गई थी, जिसमें उच्च स्तर के नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट वाले खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने की मांग की गई थी।

इन उत्पादों को मिलेगी छूट और दो चरणों में होगा अमल

FSSAI ने साफ किया है कि सिंगल-इंजीग्रिएंट (एक ही घटक वाले) खाद्य उत्पादों को इस चेतावनी के दायरे से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा घी, खाद्य तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे स्वाभाविक रूप से फैट, शुगर या सॉल्ट से भरपूर खाद्य पदार्थों को भी छूट दी गई है, बशर्ते वे अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हों।

इस सिस्टम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में दो या अधिक हानिकारक तत्वों वाले उत्पाद और मीठे पेय पदार्थ आएंगे, जबकि दूसरे चरण में किसी एक ही पोषक तत्व की अधिकता वाले उत्पादों को इस दायरे में जोड़ा जाएगा। FSSAI ने कोर्ट को बताया है कि इन बदलावों को तय प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित नियमों में संशोधन के जरिए अधिसूचित किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FSSAI के नए प्रस्ताव के तहत किस तरह के वार्निंग लेबल लगेंगे?

FSSAI ने पैकेज्ड फूड पर लाल रंग का षटकोणीय (hexagonal) वार्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर 'HIGH FAT', 'HIGH SUGAR' और 'HIGH SALT' जैसे शब्द लिखे होंगे।

यह प्रस्ताव क्यों लाया गया है?

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद FSSAI ने यह प्रस्ताव दाखिल किया है। अदालत ने खाद्य पदार्थों में अधिक फैट, शुगर और सॉल्ट की जानकारी स्पष्ट रूप से ग्राहकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया था।

किन उत्पादों को इस वार्निंग से छूट मिलेगी?

सिंगल-इंजीग्रिएंट उत्पादों के अलावा घी, तेल, नमक, चीनी, गुड़ और शहद जैसे खाद्य पदार्थों को इस वार्निंग रिक्वायरमेंट से बाहर रखा गया है।

यह लेबलिंग सिस्टम कितने चरणों में लागू होगा?

यह दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में दो या अधिक पोषक तत्वों की अधिकता वाले उत्पाद और मीठे पेय शामिल होंगे, जबकि दूसरे चरण में किसी एक पोषक तत्व की अधिकता वाले उत्पाद आएंगे।