संसद मार्च: कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन समाप्त, जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके ने तोड़ा अनशन
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जेपी नड्डा के साथ बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है, जिससे संसद मार्च का प्रदर्शन खत्म हो गया है।
मुख्य बातें
- अभिजीत दीपके ने अनशन समाप्त किया
- जेपी नड्डा के साथ हुई प्रतिनिधिमंडल की वार्ता
- संसद मार्च के दौरान पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया
- मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में हंगामा हुआ
दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन सोमवार को जेपी नड्डा के साथ हुई बातचीत के बाद समाप्त हो गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस आश्वासन के बाद अपना अनशन तोड़ दिया है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया था। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
संसद के मॉनसून सत्र में भी हंगामा कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन का असर संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन भी देखने को मिला। सत्र शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते कामकाज बाधित रहा। वहीं, संसद भवन परिसर में गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें मौजूदा हालात पर चर्चा की गई।
सोनम वांगचुक की शर्तें संसद मार्च से पहले प्रदर्शन को लेकर सोनम वांगचुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने तीन शर्तें रखते हुए कहा था कि यदि सरकार उन पर विचार करती है, तो वे समर्थन जारी रखेंगे। फिलहाल, नड्डा के साथ हुई वार्ता के बाद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए हैं और जंतर-मंतर पर स्थिति सामान्य हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च क्यों समाप्त हुआ?
बीजेपी नेता जेपी नड्डा द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाने और आश्वासन मिलने के बाद संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
पुलिस ने जंतर-मंतर से संसद तक भारी सुरक्षा तैनात की थी। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी और झड़प के दौरान लाठीचार्ज व आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।





