खाने के दाने नहीं फिर भी पाकिस्तान खरीद रहा है ये खतरनाक हथियार
पाकिस्तान के पास खाने के दाने नहीं लेकिन वह आंतकवाद को बढ़ावा देने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहता है। पाकिस्तान के मौजूदा हालात की बात करें तो वहां आमजनता महंगाई के कारण परेशान है और दुनिया के कई देशों ने पाकिस्तान को मदद करने से मना कर दिया है। इसके बाद भी वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्तान अफगान तालिबान से अमेरिकी सैन्य हथियार खरीदने में लगा हुआ है।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के चलते वहां के हालात पहले जैसे नहीं रहे हैं वहां से अमेरिकी सेना की वापसी हो चुकी है। अमेरिकी सैनिकों के जाने से पहले कई खतरनाक हथियारों को निष्क्रिय करने के बात सामने आई थी लेकिन इसके बाद भी तालिबान के पास हजारों की संख्या में बहुत उन्नत हथियार है जिसे अब पाकिस्तान अफगानी तालिबानियों से खरीद रहा है। इनको खरीदने की मुख्य वजह पाकिस्तान अपनी आतंक की दुकान को बढ़ावा देना चाहता है।
पाकिस्तान दुनिया के सामने अच्छा बनने का दिखावा तो करता है लेकिन वह अपनी जमीन से आंतकवाद को पनपने दे रहा है जो पूरी दुनिया के लिये खतरा बन गया है। अगर पाकिस्तान इस प्रकार के हथियार खरीद रहा है तो वह इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत में आतंक फैलाने के लिए काम में लेगा। पाकिस्तान को इस समय ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो उसको किसी प्रकार की मदद नहीं मिलेगी।
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के चलते वहां के हालात पहले जैसे नहीं रहे हैं वहां से अमेरिकी सेना की वापसी हो चुकी है। अमेरिकी सैनिकों के जाने से पहले कई खतरनाक हथियारों को निष्क्रिय करने के बात सामने आई थी लेकिन इसके बाद भी तालिबान के पास हजारों की संख्या में बहुत उन्नत हथियार है जिसे अब पाकिस्तान अफगानी तालिबानियों से खरीद रहा है। इनको खरीदने की मुख्य वजह पाकिस्तान अपनी आतंक की दुकान को बढ़ावा देना चाहता है।

पाकिस्तान दुनिया के सामने अच्छा बनने का दिखावा तो करता है लेकिन वह अपनी जमीन से आंतकवाद को पनपने दे रहा है जो पूरी दुनिया के लिये खतरा बन गया है। अगर पाकिस्तान इस प्रकार के हथियार खरीद रहा है तो वह इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत में आतंक फैलाने के लिए काम में लेगा। पाकिस्तान को इस समय ब्लैक लिस्ट में डाल रखा है अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो उसको किसी प्रकार की मदद नहीं मिलेगी।





