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प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार: कुल शिपमेंट में गिरावट के बीच 600 डॉलर से महंगे फोन की बिक्री बढ़ी, ऐप्पल-सैमसंग का दबदबा

ग्लोबल स्मार्टफोन बाजार में कुल शिपमेंट घटने के बावजूद 600 डॉलर (57,000 रुपये) से महंगे प्रीमियम फोन की बिक्री बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई है। मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने से मिड-रेंज फोन महंगे हुए हैं, जिसका सबसे अधिक फायदा ऐप्पल और सैमसंग को मिला है.

प्रकाशित: Aug 10, 2026 15:26रिपोर्ट: HarshitaGlobalVerified

मुख्य बातें

  • 600 डॉलर से महंगे फोन की हिस्सेदारी 25% से बढ़कर 29% हुई
  • प्रीमियम सेगमेंट में ऐप्पल और सैमसंग की कुल हिस्सेदारी 84% है
  • ओप्पो की प्रीमियम बिक्री में 69% और वीवो की बिक्री में 20% की सालाना बढ़ोतरी हुई
  • मेमोरी चिप्स की कीमतें अगले साल के अंत तक स्थिर होने की उम्मीद नहीं है

स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए भले ही यह साल चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा हो और कुल शिपमेंट में गिरावट दर्ज की जा रही हो, लेकिन महंगे फोन के मामले में तस्वीर बिल्कुल उलट है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक, दुनियाभर में 600 डॉलर (लगभग 57,000 रुपये) से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन की हिस्सेदारी पिछले साल की पहली छमाही के 25 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 29 प्रतिशत हो गई है। कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे और फोन महंगे होने के बावजूद हाई-एंड डिवाइस की मांग में यह तेजी दर्ज की गई है।

क्या है इस बढ़ोतरी की वजह?

काउंटरप्वाइंट के विश्लेषण के मुताबिक, महंगे फोन खरीदने के इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ ग्राहकों की पसंद नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की बदली इकॉनमी जिम्मेदार है। इस साल की शुरुआत से ही स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने लगी, जिससे एंट्री और मिड-रेंज स्मार्टफोन महंगे होने लगे। महंगे फोन बनाने वाली कंपनियों के पास अपना मार्जिन कम करने का विकल्प था, लेकिन बजट और मिड-रेंज बनाने वाली कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा।

इस वजह से मिड-रेंज और प्रीमियम फोन की कीमत के बीच का अंतर काफी कम हो गया है। जो फोन कुछ समय पहले 40,000 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत बढ़कर अब 50,000 रुपये तक पहुंच गई है। जानकारों का मानना है कि यह असली प्रीमियमाइजेशन नहीं है, बल्कि मजबूरी में ज्यादा पैसे खर्च करने का नतीजा है, क्योंकि महंगी कीमत चुकाने के बावजूद ग्राहकों के यूजर एक्सपीरियंस में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

ऐप्पल और सैमसंग को सबसे ज्यादा फायदा

प्रीमियम सेगमेंट की इस बढ़त का सबसे बड़ा फायदा ऐप्पल और सैमसंग को मिला है। साल 2026 की पहली तिमाही में इस सेगमेंट की कुल बिक्री में इन दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत है, जो पिछले साल इसी अवधि में 82 प्रतिशत थी।

इस बाजार में ऐप्पल सबसे आगे बनी हुई है, जबकि सैमसंग ने अपनी गैलेक्सी एस26 सीरीज के जरिए अपनी स्थिति और मजबूत की है। इसके अलावा, ओप्पो और वीवो भी इस सेगमेंट में तेजी से पैर पसार रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सालाना आधार पर ओप्पो की प्रीमियम बिक्री में 69 प्रतिशत और वीवो की बिक्री में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

फाइनेंसिंग और बायबैक ऑफर्स का सहारा

बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए कंपनियां फाइनेंसिंग, बायबैक और ट्रेड-इन प्रोग्राम का सहारा ले रही हैं। इन तरीकों से खुदरा कीमत कम किए बिना फोन को किफायती बनाया जा रहा है।

सैमसंग ने अपने 'गैलेक्सी फॉरेवर' प्रोग्राम का विस्तार नए बाजारों में किया है, जिससे ग्राहक मासिक किस्तों पर फ्लैगशिप डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही कंपनियां ईएमआई की अवधि भी बढ़ा रही हैं। सैमसंग ने अपने लेटेस्ट फोल्डेबल फोन के लिए 30 महीने का नो-Cost EMI विकल्प दिया है, जबकि ऐप्पल अपने प्रोडक्ट्स पर कैशबैक और अन्य ऑफर दे रही है।

कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद नहीं

मोबाइल फोन की बढ़ती कीमतों से फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले साल के अंत तक मेमोरी चिप्स की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद नहीं है। जब तक चिप्स की लागत सामान्य नहीं होती, स्मार्टफोन बाजार में कीमतों का यह दबाव बना रहने की आशंका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

600 डॉलर से महंगे स्मार्टफोन की बिक्री में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

काउंटरप्वाइंट रिसर्च के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 600 डॉलर (लगभग 57,000 रुपये) से अधिक कीमत वाले फोन की हिस्सेदारी पिछले साल की पहली छमाही के 25 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 29 प्रतिशत हो गई है।

स्मार्टफोन महंगे होने के पीछे मुख्य कारण क्या है?

इस साल की शुरुआत से स्टोरेज और मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने के कारण एंट्री और मिड-रेंज स्मार्टफोन महंगे हुए हैं, जिससे मिड-रेंज और प्रीमियम फोन की कीमतों का अंतर कम हो गया है।

प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में किन कंपनियों का सबसे ज्यादा दबदबा है?

साल 2026 की पहली तिमाही में प्रीमियम सेगमेंट की कुल बिक्री में 84 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले ऐप्पल और सैमसंग की है, जिसमें ऐप्पल शीर्ष पर है।

कंपनियां महंगे फोन बेचने के लिए कौन से ऑफर्स दे रही हैं?

ग्राहक बढ़ाने के लिए कंपनियां विस्तारित ईएमआई विकल्प (जैसे 30 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई), बायबैक, ट्रेड-इन प्रोग्राम और कैशबैक ऑफर दे रही हैं।

स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों से कब राहत मिलने की उम्मीद है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले साल के अंत तक मेमोरी चिप्स की कीमतें स्थिर होने की उम्मीद नहीं है, इसलिए फिलहाल कीमतों से राहत मिलने के आसार कम हैं।