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जयपुर संभाग

राजस्थान के 11 विश्वविद्यालयों में खुलेंगे राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र, राजभवन ने कुलपतियों को भेजे निर्देश

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के निर्देश पर राजस्थान के 11 प्रमुख राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। राजभवन सचिवालय ने कुलपतियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

प्रकाशित: Jul 29, 2026 00:10रिपोर्ट: HarshitaJaipur, RajasthanVerified

मुख्य बातें

  • प्रदेश के 11 विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोले जाएंगे
  • राजभवन सचिवालय ने सभी कुलपतियों को पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं
  • राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले छह दिनों से आमरण अनशन पर हैं

राजस्थान की मातृभाषा और सांस्कृतिक पहचान को अकादमिक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों में बड़े बदलाव की तैयारी है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे के निर्देश पर प्रदेश के 11 सरकारी विश्वविद्यालयों में 'राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। राजभवन सचिवालय ने सभी संबंधित कुलपतियों को पत्र भेजकर इस प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

राजभवन के निर्देशों में कहा गया है कि राजस्थानी भाषा प्रदेश के एक बड़े भू-भाग में बोली जाती है और यह राज्य की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं तथा ऐतिहासिक विरासत का मुख्य आधार है। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में उच्च शिक्षा और अध्ययन को प्राथमिकता दिए जाने के प्रावधान के तहत यह कदम उठाया गया है। सचिवालय ने सभी संस्थानों से स्थापना की प्रक्रिया अविलंब शुरू कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है ताकि राज्यपाल को अवगत कराया जा सके।

इन 11 विश्वविद्यालयों में होगी स्थापना

राजभवन के निर्देश के दायरे में आने वाले संस्थानों में जयपुर का राजस्थान विश्वविद्यालय, जोधपुर का जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय और उदयपुर का मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा अजमेर का महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, कोटा विश्वविद्यालय, बीकानेर का महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय और कोटा का वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय भी इस सूची में हैं। बांसवाड़ा के गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, सीकर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, भरतपुर के महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय और अलवर के राजऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में भी ये केंद्र खोले जाएंगे।

छात्रसंघ चुनाव और भाषा विभाग की मांग पर अनशन

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली और अन्य मांगों को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके अनशन की प्रमुख मांगों में राजस्थान विश्वविद्यालय में एक पृथक राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना भी शामिल है। राजभवन की इस नई पहल को उच्च शिक्षा में राजस्थानी भाषा के विस्तार और संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान के कितने विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोले जाएंगे?

राजस्थान के 11 प्रमुख राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

यह निर्देश किसने और किस आधार पर जारी किए हैं?

ये निर्देश राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे के आदेश पर राजभवन सचिवालय ने नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को प्राथमिकता देने के प्रावधान के तहत जारी किए हैं।.

किन-किन विश्वविद्यालयों को इस सूची में शामिल किया गया है?

इसमें राजस्थान विश्वविद्यालय (जयपुर), जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जोधपुर), मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (उदयपुर), एमडीएस यूनिवर्सिटी (अजमेर), कोटा यूनिवर्सिटी, एमजीएसयू (बीकानेर), वीएमओयू (कोटा), बांसवाड़ा, सीकर, भरतपुर और अलवर के विश्वविद्यालय शामिल हैं।

इस फैसले का छात्रों के आंदोलन से क्या संबंध है?

राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र नेता शुभम रेवाड़ पृथक राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना सहित विभिन्न मांगों को लेकर छह दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिसके बीच राजभवन का यह निर्देश आया है।