राजस्थान में पंचायत सामान्य चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत नामांकन वापसी का समय पूरा होने के बाद चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, जिला परिषद और पंचायत समिति दोनों स्तरों पर हजारों प्रत्याशी अब आमने-सामने हैं। इस चरण में नाम वापसी के बाद प्रदेश के कई जिलों में सीधा मुकाबला तय हो गया है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा मुकाबला?
प्रदेश के 16 जिलों की 586 जिला परिषद सीटों पर नाम वापसी के आखिरी दिन कुल 288 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस ले लिए। इसके बाद अब अंतिम रूप से 1,693 प्रत्याशी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
अलवर जिले में सबसे ज्यादा 180 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि राजसमंद एकमात्र ऐसा जिला रहा जहाँ किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। वहीं, पाली जिले में एक वार्ड पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। राज्य स्तर पर जिला परिषद के लिए कुल 2,763 फॉर्म भरे गए थे, जिनमें से 839 निरस्त हुए और 1,924 वैध पाए गए थे।
पंचायत समितियों में क्या है स्थिति?
पंचायत समिति स्तर पर 104 विभिन्न समितियों के कुल 1,806 वार्डों के लिए मुकाबला होगा। नाम वापसी की प्रक्रिया के दौरान 988 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए, जिसके बाद अब 5,233 उम्मीदवार मैदान में हैं। पंचायत समिति स्तर पर राज्य भर में कुल 10 प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इस स्तर पर कुल 6,245 वैध नामांकन आए थे, जिनमें से नाम वापसी के बाद अंतिम तस्वीर सामने आई है।
जयपुर में कैसा है चुनावी गणित?
राजधानी जयपुर की बात करें तो जिला परिषद की 57 सीटों के लिए 154 प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। जयपुर जिले में जिला परिषद के लिए कुल 223 फॉर्म भरे गए थे, जिनमें से 53 निरस्त हुए और 170 वैध नामांकन बचे थे। नाम वापसी के दिन 16 उम्मीदवारों ने अपने पर्चे वापस लिए। पंचायत समिति स्तर पर भी चौमूं, दूदू, गोविंदगढ़, जोटवाड़ा और जोबनेर समेत विभिन्न समितियों में मुकाबले की स्थिति तय हो गई है।
अब आगे क्या?
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मैदान में डटे उम्मीदवारों के बीच प्रचार और चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान की तैयारियां पूरी की जा रही हैं और राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।





