ताजमहल के कमरों में क्या है अब सामने आया सच!
ताजमहल को लेकर बीते दिनों खूब बवाल मचा, दावा किया गया कि ताजमहल में प्राचीन शिव मंदिर है, तो जयपुर राजघराने ने इसे अपना प्राचीन महल बता दिया, यहीं नहीं ताजमहल के तहखाने में बने 22 बंद कमरों को खोलने की याचिका तक कोर्ट में ड़ाली गई, जिसे कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए खारिज कर दिया था, वही अब एक बार फिर ताजमहल के कमरों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां होने का दावा किया गया तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जो इसका जवाब दिया है वो चलिये आपको बताते है.अब एक बार फिर ताजमहल के प्राचीन मंदिर होने और बंद कमरों में मूर्तियों को लेकर सवाल किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ने ताजमहल के प्राचीन मंदिर होने और इसके तहखानों में स्थित बंद कमरों में मूर्तियां छुपी होने के दावों को फिर से खारिज कर दिया है।
Release हुआ Alia की Darling का teaser!!
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने इसे लेकर एक आरटीआई आवेदन दिया था। एएसआई ने जवाब देते हुए साफ किया कि ताजमहल में कोई भी बंद कमरा नहीं है और किसी कमरे में हिंदू देवी-देवता की मूर्ति नहीं रखी हुई है। साकेत गोखले ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा,''भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मुझे बताया कि, ए- जहां ताजमहल है उस स्थान पर कोई मंदिर मौजूद नहीं था। बी- ताजमहल में 'मूर्तियों वाले बंद कमरे' नहीं हैं।'' गोखले ने इसके साथ ही लिखा, ''उम्मीद है कि अदालतें बीजेपी/आरएसएस की सभी शरारती याचिकाओं पर जुर्माना लगाएगी और मीडिया वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा।''
तो क्या मंदिर की जगह बना Taj Mahal तो ASI ने दिया ये जवाब!
आपको बता दे कि अयोध्या निवासी रजनीश सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ताजमहल के इतिहास का पता लगाने के लिए एक समिति गठित करने और इस ऐतिहासिक इमारत में बने 22 कमरों को खुलवाने का आदेश देने का आग्रह करते हुए याचिका दायर की थी





