राइट टू हेल्थ बिल विधानसभा में पारित, लापरवाही करने वाले हॉस्पिटल पर होगी सख्त कार्यवाही
राइट टू हेल्थ बिल को लेकर प्रदेश में जबरदस्त बवाल मचा हुआ है और इस बीच यह बील आज राजस्थान विधानसभा में पारित हो गया है। राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक 2022 पारित होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि राइट टू हेल्थ बिल जनता की भलाई के लिए लाया गया है।
मीणा ने कहा कि हमने तो कमेटियां बना दी है अगर किसी की शिकायत है तो वह अपनी बात वहां बता सकता है। राइट टू हेल्थ आमजन का अधिकार है और ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। इससे पहले मेरे पास कई बड़े-बड़े अस्पतालों की शिकायत आई थी।
Doctors पर तानाशाही कर रही हैं सरकार - Ram Lal Sharma
बड़े-बड़े अस्पताल इस बील को लेकर गलत बयान दे रहे है और उनके बहकावे में मत आओ। चिरंजीवी कार्ड होने के बाद भी कई अस्पाताल एडवांस पैसा मांगते हैं ऐसे अस्प्ताल ही आंदोलन करवा रहे है। जनता का दर्द मिटाने के लिए ही हम राइट टू हेल्थ बिल लेकर आए है। चिरंजीवी कार्ड होने के बाद भी इलाज नहीं किया जाता और इसीलिए दिव्या मदेरणा धरने पर बैठी थी।
अगर किसी के पास कार्ड नहीं है तो कलेक्टर इलाज करवाएगा। इमरजेंसी के समय प्राइवेट हॉस्पिटल को फ्री इलाज करना होगा। अगर लापरवाही होती है तो दोषी पाए जाने पर 10 से 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा सकता है।





