उदयपुर में पुलिस का मेगा एक्शन: 874 ठिकानों पर एक साथ दबिश, 298 अपराधी गिरफ्तार
उदयपुर पुलिस ने एक ही दिन में 111 टीमों के माध्यम से 874 स्थानों पर दबिश देकर हत्या, लूट और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन मामलों के 298 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य बातें
- 874 स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई
- कुल 298 अपराधी गिरफ्तार किए गए
- 111 पुलिस टीमों और 460 से अधिक जवानों ने भाग लिया
- 73 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन किया गया
- 89 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट निष्पादित किए गए
उदयपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ रविवार को एक बड़ा विशेष अभियान चलाया। जिलेभर में 111 पुलिस टीमों ने एक साथ 874 स्थानों पर दबिश दी, जिसमें हत्या, लूट, डकैती और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन मामलों के वांछितों समेत कुल 298 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
111 टीमों ने संभाला मोर्चा एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में 460 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। एएसपी उमेश ओझा और एएसपी अंजना सुखवाल ने अभियान की निगरानी की। पुलिस ने न केवल वांछित आरोपियों को पकड़ा, बल्कि जिले के 73 हिस्ट्रीशीटरों के घर पहुंचकर उनका सत्यापन किया और उनसे पूछताछ भी की।
वारंटियों और निरोधात्मक कार्रवाई पर जोर अभियान के दौरान पुलिस ने 89 स्थायी और गिरफ्तारी वारंटों का निष्पादन किया। इसके अलावा, निरोधात्मक कार्रवाई के तहत 186 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत 20 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें आबकारी अधिनियम के 16, आर्म्स एक्ट का एक और जुआ अधिनियम के तीन मामले शामिल हैं, जिनमें कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
आगे भी जारी रहेगा अभियान एसपी डॉ. अमृता दुहन ने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उदयपुर पुलिस के इस अभियान में कितने अपराधी गिरफ्तार हुए?
इस विशेष अभियान के दौरान उदयपुर पुलिस ने 298 अपराधियों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने कुल कितने स्थानों पर दबिश दी?
पुलिस की 111 टीमों ने जिलेभर में एक साथ 874 स्थानों पर दबिश दी।
किन कानूनों के तहत कार्रवाई की गई?
कार्रवाई में हत्या, लूट, डकैती, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, आबकारी कानून और जुआ अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं।





