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स्वच्छता की अनोखी पहल: उज्जैन में खुलेगा 'कचरा कैफे', सूखे कचरे के बदले मिलेगा मुफ्त खाना और सामान

प्रकाशित: May 19, 2026 18:33रिपोर्ट: Navtej TV

उज्जैन:धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन अब स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान रचने जा रही है। शहर को साफ-सुथरा बनाने और कचरा प्रबंधन के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से उज्जैन नगर निगम जल्द ही 'कचरा कैफे' (Garbage Cafe) की शुरुआत करने जा रहा है। इस अनोखे कैफे में नागरिक अपने घरों का सूखा कचरा जमा करके मुफ्त में स्वादिष्ट भोजन, नाश्ता और रोजमर्रा की जरूरत का सामान प्राप्त कर सकेंगे।

*नानाखेड़ा बस स्टैंड पर 2500 वर्गफीट में बनेगा कैफे*

सूत्रों के अनुसार, इस पहले कचरा कैफे को नानाखेड़ा बस स्टैंड परिसर में करीब 2500 वर्गफीट के बड़े क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहाँ लोग प्लास्टिक की बोतलें, कागज, कार्डबोर्ड और अन्य प्रकार का सूखा कचरा लेकर आ सकते हैं। कचरे के वजन और उसकी श्रेणी के आधार पर नागरिकों को खाद्य सामग्री या दैनिक उपयोग की वस्तुएं दी जाएंगी।

*कचरा अलग करने की आदत और रोजगार पर फोकस*

इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों में कचरे को अलग-अलग (सेग्रिगेट) करने की आदत विकसित करना है, ताकि रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। स्वच्छता के साथ-साथ यह कैफे स्थानीय स्तर पर रोजगार का बड़ा जरिया बनेगा। इस कैफे का संचालन स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

*'रॉयल्टी मॉडल' पर काम करेगी योजना*

यह पूरा प्रोजेक्ट नगर निगम के लिए पूरी तरह से 'नो-कॉस्ट' मॉडल पर आधारित होगा। कैफे की स्थापना रॉयल्टी मॉडल पर की जाएगी, जिसमें निगम को कोई भुगतान नहीं करना होगा। टेंडर प्रक्रिया में जो एजेंसी सबसे अधिक रॉयल्टी का प्रस्ताव देगी, उसे काम सौंपा जाएगा। सफल एजेंसी को तीन दिन के भीतर तीन महीने की एडवांस रॉयल्टी और 50 हजार रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी जमा करनी होगी। साथ ही, कचरे की पूरी जानकारी के लिए एक लॉग बुक भी रखनी होगी।

*स्वच्छता के साथ रोजगार को बढ़ावा*

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा का कहना है कि "इस कैफे के जरिए हम कचरे की वास्तविक वैल्यू को समझाना चाहते हैं। अभी टेंडर निकाले गए हैं, जिसके बाद बस स्टैंड और प्रमुख बाजारों जैसी खास जगहों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कैफे खोले जाएंगे।"