WhatsApp पर अकाउंट सुरक्षा के नए फीचर्स: अब मल्टीपल पासकी और अल्फान्यूमेरिक 2FA का विकल्प, जानें कैसे करेगा काम
WhatsApp ने अकाउंट सुरक्षा बढ़ाने के लिए मल्टीपल पासकी सपोर्ट, अल्फान्यूमेरिक 2FA और स्मार्ट कॉल स्क्रीनिंग फीचर्स लॉन्च किए हैं, जिससे एंड्रॉइड और आईफोन यूजर्स को अलग-अलग डिवाइस पर अलग पासकी सेट करने की सुविधा मिलती है।
मुख्य बातें
- दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा यूजर्स पासकी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- यूजर्स अब एक ही WhatsApp अकाउंट में अलग-अलग डिवाइस के लिए कई पासकी जोड़ सकेंगे।
- 2FA में अब केवल 6 अंकों के पिन की बजाय अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड बनाने का विकल्प मिल रहा है।
- एंड्रॉइड के लिए कॉल स्क्रीनिंग अपडेट से अनजान नंबर की लोकेशन और कॉमन ग्रुप की जानकारी मिलेगी।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने अपने यूजर्स के लिए सुरक्षा से जुड़े कई नए फीचर्स पेश किए हैं। इन अपडेट्स के बाद अब प्लेटफॉर्म पर अकाउंट की सिक्योरिटी पहले से ज्यादा मजबूत हो जाएगी। कंपनी ने मल्टी-डिवाइस यूजर्स के लिए पासकी (Passkey) का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और कॉल स्क्रीनिंग में भी बड़े बदलाव किए हैं।
कंपनी के मुताबिक, दुनियाभर में एक अरब से ज्यादा लोग पासकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नए अपडेट से उन यूजर्स को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा, जो एक ही WhatsApp अकाउंट को Android और iOS दोनों तरह के अलग-अलग डिवाइस पर एक साथ चलाते हैं। अब ऐसे यूजर्स अपने अकाउंट में एक से ज्यादा पासकी जोड़ सकेंगे।
एक अकाउंट में कई पासकी का सपोर्ट
WhatsApp ने एंड्रॉइड यूजर्स के लिए पासकी सपोर्ट 2023 में शुरू किया था, जिसे 2024 में आईफोन (iOS) यूजर्स के लिए भी उपलब्ध कराया गया था। पासकी की मदद से यूजर्स बिना कोई पारंपरिक पासवर्ड टाइप किए अपने फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या फोन के स्क्रीन लॉक से सीधे अकाउंट में लॉगिन कर सकते हैं।
अब नए अपडेट के बाद यूजर्स एक ही अकाउंट के लिए अलग-अलग डिवाइस पर अलग-अलग पासकी सेट कर सकेंगे। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति एंड्रॉइड फोन और आईफोन दोनों पर अपना WhatsApp चलाता है, तो वह दोनों डिवाइस के लिए अलग पासकी तैयार कर सकता है। इसके लिए ऐप की सेटिंग्स में जाकर 'अकाउंट सेटिंग्स' और फिर 'पासकी' सेक्शन में जाना होगा।
मजबूत हुआ 2FA और स्मार्ट हुई कॉल स्क्रीनिंग
सुरक्षा को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए WhatsApp ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यानी 2FA के तरीके में बदलाव किया है। अब यूजर्स केवल 6 अंकों के पिन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे अक्षरों और अंकों के साथ स्पेशल कैरेक्टर्स मिलाकर एक मजबूत अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड तैयार कर सकते हैं।
इसके अलावा एंड्रॉइड यूजर्स के लिए कॉल स्क्रीनिंग को भी स्मार्ट बनाया गया है। अब किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर ऐप स्क्रीन पर अतिरिक्त जानकारी दिखाएगा। यूजर कॉल रिसीव करने से पहले यह देख सकेगा कि कॉल किस देश से आ रही है और कॉलर उसके साथ किसी कॉमन ग्रुप चैट में शामिल है या नहीं। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह अतिरिक्त संदर्भ यूजर्स को सतर्क रहने में मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
WhatsApp पर एक से ज्यादा पासकी कैसे जोड़ सकते हैं?
WhatsApp सेटिंग्स में जाकर 'अकाउंट सेटिंग्स' और फिर 'पासकी' सेक्शन के जरिए आप अपने अलग-अलग डिवाइस के लिए नई पासकी तैयार कर सकते हैं।
क्या WhatsApp में अब सिर्फ 6 अंकों का पिन ही बना सकते हैं?
नहीं, नए अपडेट के बाद यूजर्स 6 अंकों के पिन के अलावा अक्षर, अंक और स्पेशल कैरेक्टर मिलाकर अल्फान्यूमेरिक पासवर्ड भी सेट कर सकते हैं।
अकाउंट की सुरक्षा के लिए पासकी कैसे काम करती है?
पासकी क्रिप्टोग्राफिक की-पेयर तकनीक पर काम करती है। यह फोन के बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस आईडी) या स्क्रीन लॉक का उपयोग करके बिना पासवर्ड टाइप किए सुरक्षित लॉगिन की अनुमति देती है।
WhatsApp की नई कॉल स्क्रीनिंग फीचर से क्या जानकारी मिलेगी?
अनजान नंबर से कॉल आने पर यूजर कॉल उठाने से पहले यह देख सकेगा कि कॉल किस देश से आ रही है और कॉलर किसी कॉमन ग्रुप चैट में है या नहीं।





