भरतपुर के वैर इलाके में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के बाद प्रशासनिक ऐक्शन तेज़ हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद वैर थाने के एसएचओ धीरेंद्र सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है।
हत्याकांड के इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भड़ाना की पत्नी की शिकायत पर वैर थाने में 30 नामजद और 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
किन इलाकों और लोगों पर हुई कार्रवाई?
पुलिस की शुरुआती पकड़ में जो नाम सामने आए हैं, उनमें भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर और कुंवर सिंह गुर्जर शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपी भौंड़ा गांव और एक नावर गांव का रहने वाला है। एक अन्य आरोपी बलवीर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
इस घटना के बाद से वैर क्षेत्र के प्रभावित गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कई परिवार अपने घरों पर ताले लगाकर सुरक्षित ठिकानों पर चले गए हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ कर रही है ताकि मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुँचा जा सके।
पुलिस लापरवाही पर क्यों बरसे सीएम?
मंगलवार को जयपुर में हुई कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की पुलिसिंग पर सख्त नाराजगी जताई थी। सीएम भजनलाल शर्मा ने साफ निर्देश दिए कि अपराधियों में कानून का डर और आम जनता में सुरक्षा का भाव दिखना चाहिए।
समीक्षा बैठक के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर में कार्रवाई करते हुए कुल 9 पुलिस अधिकारियों पर प्रशासनिक गाज गिराई है। इसमें 1 एसएचओ का निलंबन, 6 अधिकारियों का एपीओ और 2 अन्य को पद से हटाया जाना शामिल है।
भूमि विवादों और माफियाओं पर क्या निर्देश?
सीएम ने बैठक में राज्यभर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भूमि और खनन विवादों की जिलेवार रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर मामलों का तुरंत निपटारा करने के आदेश दिए हैं।
आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में यातायात प्रबंधन और सुरक्षा कड़ी करने को कहा गया है। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स' को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
