जेल में बंद पति से बच्चा पैदा करना चाहती उसकी पत्नी, कोर्ट में लगाई अर्जी
राजस्थान हाईकोर्ट में पहली बार एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक पत्नी अपने पति से बच्चा चाहती है लेकिन पति जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा है तो पत्नी का यह सपना पूरा नहीं हो रहा है। अजमेर की जेल में उम्रकैद काट रहे बंदी को संतान उत्पत्ति के लिए पैरोल मिली तो सब लोगा हैरान हो गए।
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बताया जा रहा है कि बंदी की शादी हो चुकी है, लेकिन कोई संतान नहीं है और इसी बात को लेकर पत्नी ने कोर्ट में अर्जी लगायी तो कोर्ट ने पत्नी की मांग को पूरा करते हुए पति को 15 दिन की पैरोल दे दी। इसके लिए पहले महिला ने कलेक्टर को पत्र लिखा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला तो उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
न्यायाधीश संदीप मेहता व फरजंद अली की खंडपीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसा करने के लिए कानुन में कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन हिंदु धर्म में 16 संस्कारों को माना जाता है और इसमें गर्भधान भी एक है। भीलवाड़ा के 34 वर्षीय नंदलाल को साल 2019 में उम्रकैद की सजा हुई थी और तब से वह अजमेर की जेल में बंद है।

इसके बाद उसनकी पत्नी ने अजमेर कलेक्टर, जो पैरोल कमेटी के चेयरमैन भी हैं उन्हें अर्जी दी थी। लेकिन कलेक्टर ने इसका कोई जवाब नहीं दिया तो पत्नी हाईकोर्ट पहुंच गई और हाईकोर्ट के समक्ष अपनी पीड़ा रखी।





