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मध्य प्रदेश

विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं का प्रदर्शन.

प्रकाशित: Jun 04, 2026 19:02रिपोर्ट: Navtej TV

बड़वानी में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मध्यप्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका संघ की जिला इकाई ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। कलेक्टर की अनुपस्थिति में ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया।संघ की जिलाध्यक्ष ग्यारसी यादव ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं पिछले कई दशकों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। जन्म पंजीयन से लेकर पोषण अभियान, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, लाड़ली बहना योजना, मतदाता पुनरीक्षण, जनगणना, ग्राम सभाओं और अन्य शासकीय अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उन्हें आज भी न्यूनतम सुविधाएं और सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अतिरिक्त कार्य भी लगातार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं से कराए जाते हैं। इनमें बीएलओ कार्य, फायलेरिया एवं मलेरिया सर्वे, मच्छरदानी वितरण, शौचालय सर्वे, विभिन्न एनजीओ कार्यक्रमों में सहयोग और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां शामिल हैं। अतिरिक्त कार्यों के दबाव के कारण कई बार उनका मूल विभागीय कार्य प्रभावित होता है, जिससे उन्हें प्रताड़ना और मानदेय कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।संघ की उपाध्यक्ष आरती शारदे ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार और कम मानदेय के कारण कार्यकर्ता आर्थिक और मानसिक तनाव झेल रही हैं। वहीं उपाध्यक्ष संतोषी मालवीया ने आरोप लगाया कि कई बार अतिरिक्त कार्यों में सहयोग नहीं करने पर पद से हटाने की चेतावनी भी दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।संघ ने बताया कि मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन पहले से जारी है। इसके तहत काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार भी किया जा रहा है।ज्ञापन में शासन से मांग की गई है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए, ताकि कर्मचारियों में बढ़ता आक्रोश समाप्त हो सके और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित न हो। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।