300 साल पुराने मंदिर पर चला दिया बुलडोजर, साधु-संतों ने निकाली आक्रोश रैली
राजस्थान में इन दिनों कांग्रेस के लिए कुछ भी सही नहीं होता दिख रहा है और इसी वजह से विपक्ष दल बीजेपी को हमला बोलने का मौका मिल रहा है। राजस्थान में महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटना, हिंसा, भ्रष्टाचार के साथ मंदिरों को तोड़ने जैसी घटनाओं ने नाक में दम कर रखा है। सरकार इन सभी घटनाओं के होने से परेशान है तो आम जनता सरकार से न्याय के लिए सड़कों पर उतर गई है।
हैवानियत: लिफ्ट देकर महिला से गैंगरेप, हत्या कर कुएं में फेंक दिया शव!
अलवर सरकार के लिए ऐसी परेशानी बन गया है कि जिले में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हो रही है जिसके कारण सरकार की जमकर किरकरी हो रही है। 22 अप्रैल को अलवर में 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोजर चलने से पूरे देश में इसका विरोध हुआ था। इसके बाद साधु संतों बुधवार को आक्रोश रैली निकाली और कलेक्टर का ज्ञापन दिया। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ध्वस्त मंदिर के निर्माण की मांग की है।
सांसद बालकनाथ ने बताया कि गहलोत सरकार पूरी तरह से फेल हो गई है और उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। कुछ दिन पहले करौली में हुई हिंसा के विरोध में भी अलवर में विहिप और बजरंग दल ने विरोध-प्रदर्शन किया था। बीजेपी के कार्यकर्ता ने विरोध-प्रदर्शन में भाग लिया।

सांसद बालकनाथ कहा कि सरकार देवी-देवताओं का अपमान कर रही है। इस मामल में गहलोत सरकार ने एसडीएम और नगर पालिका के ईओ समेत चेयरमैन को भी सस्पेंड कर दिया था। सांसद बाबा बालकनाथ ने कहा गहलोत सरकार उस तरह से काम कर रही है जैसे ढाई सौ साल पहले मुगलों ने सनातन धर्म का अपमान किया था। आम जनता सब देख रही है और आने वाले चुनावों में जनता कांग्रेस को अच्छा सबक सिखाएंगी।





