बीजेपी नेता के दावे को सच कर रही है गहलोत और पायलट की दूरियां, जल्द बदलेगा सीएम
कांग्रेस आलाकमान की राजस्थान में गहलोत-पायलट गुट में सुलह की कोशिश सफल होती दिखाई नहीं दे रही है। सीएम गहलोत-पायलट के गले तो मिले लेकिन दिल मिलना बाकी है। दोनों नेताओं के मन में खटास बरकरार है, वहीं बीजेपी सांसद सीपी जोशी के बयान ने हलचल मचा दी है, जोशी ने कहा चुनावों से ठीक पहले पायलट को सीएम बनाया जाएगा, गहलोत-पायलट गुट के बीच शांति कब तक जारी रहेगी इसके बारे में दोनों ही गुट के नेता खामोश है।
सभी Hindu एक हो जाओ, हथियार उठाओ, हिंदुओं को भड़काने वाला Video Viral
राज्य की सियासत में विधानसभा उप चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच आंख मिचौली का खेल दिखने को मिल रहा है। गहलोत-पायलट के बीच जो मतभेद है। सुलझ नहीं पा रहे हैं। जिस कार्यक्रम में सचिन पायलट जाते हैं उसमें सीएम गहलोत नहीं जाते है। जहां सीएम गहलोत होते हैं वहां सचिन पायलट नदारद रहते हैं। राजधानी जयपुर में हाल ही में महंगाई के खिलाफ आयोजित धरना-प्रदर्शन में सीएम गहलोत पायलट के जाने के बाद ही शामिल हुए। विधानसभा सत्र के दौरान सीएम गहलोत के रात्रि भोज से पायलट नदारद रहे। हालांकि, भाजपा और पायलट गुट के विधायक-मंत्री रात्रि भोज में शामिल हुए थे, लेकिन पायलट ने दूरी बना ली।
सीएम गहलोत- सचिन पायलट 8 अक्टूबर 2021 को वल्ल्भनगर और धरियावाद में उप चुनाव में एक साथ प्रचार करने के लिए निकले थे। दोनों नेता प्रदेश प्रभारी अजय माकन के साथ एक साथ चुनाव प्रचार करते हुए दिखाई दिए। उपचुनाव में एक संग चुनाव प्रचार किया। दोनों नेताओं की एकजुटता का कांग्रेस को फायदा भी मिला। उपचुनाव कांग्रेस ने जीत लिए। वल्लभनगर में पायलट समर्थक विधायक गजेंद्र सिंह शक्तावत के निधन पर चुनाव हुआ था। वल्लभनगर से दिवंगत शक्तावत की पत्नी प्रीती शक्तावत ने जीत दर्ज की। धरियावाद सीट भाजपा विधायक के निधन से खाली हुई। यहां भी कांग्रेस ने जीत हासिल की।

दोनों नेताओं की दूरी की राजनीतिक चर्चा इसलिए ज्यादा हो रही है कि दोनों नेताओं ने काफी दिनों तक बयान नहीं दिया था। लेकिन अब सीएम गहलोत बार-बार सरकार गिराने का बयना देकर इशारों में सचिन पायलट पर निशाना साध रहे हैं। हाल में सचिन पायलट की राहुल-प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद बीकानेर में राजनीति में रगड़ाई की बात कहकर पायलट पर निशाना साधा ये तो साफ है कि अशोक गहलोत राजस्थान में ही रहेंगे, पिछले महीने एक कार्यक्रम में पायलट ने कहा कि जोधपुर से सीएम गहलोत के बेटे को कांग्रेस का टिकट उनकी सिफारिश से मिला था। कांग्रेस आलाकमान वैभव गहलोत को टिकट नहीं देना चाहता था।
दोनों नेताओं की बयानबाजी से साफ संकेत है कि कांग्रेस आलाकमान की सुलह की कोशिश के बावजूद राजस्थान कांग्रेस में ठीक नहीं चल रहा है। गहलोत-पायलट गुट के बीच खींचतान जारी है, वही ऐसे में बीजेपी सांसद सीपी जोशी का राजस्थान का सीएम बदलने को लेकर बयान आना राजस्थान की बदलती सियासी तस्वीरों की ओर इशारा कर रहा है।





