CM सलाहकार लोढ़ा ने खोली पायलट की पोल: आंदोलन का कोई असर नहीं, चैंबर नहीं मिलने पर रुठ गए
राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों पायलट और गहलोत गुट के नेताओं में जुबानी जंग इस तहर से छिड़ी हुई है कि दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर रूकने का नाम नहीं ले रहा है। इस जुबानी जंग में पायलट और गहलोत के वह राज सामने आ रहे है जिसके कारण इन दोनों नेताओं में दुश्मनी हुई है। पायलट ने अपनी ही सरकार को 15 दिन का समय दिया है और कह दिया है कि मांगे पूरी नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।
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इस चेतावनी के बाद गहलोत गुट के नेता पायलट पर हमला बोल रहे है। इस कड़ी में अब मुख्यमंत्री के सलाहकार और सिरोही से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा की एंट्री हो चुकी है। उन्होंने पायलट के चुनावी साल में करप्शन का मुद्दा उठाने पर सवाल खड़े किए हैं। जनसंघर्ष यात्रा कोई भी सियासी असर नहीं हुआ।
प्रदेश की जनता इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। पायलट के जिन घोटालों का जिक्र कर रहे हैं उनको लेकर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया। पायलट अपना नाखून कटवा कर शहीद बनने की कोशिश कर रहे है। चुनावी साल में घोटालों की याद आ रही है। पायलट पार्टी के साथ खड़े होकर फिर से सरकार बनाने में सहयोग करें। लोढ़ा ने कहा कि सीएमओ में चैंबर नहीं मिलने पर पायलट नाराज हो गए थे। इसके बाद भी वह छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाते थे। उन्होंने बिना पद लिए सरकारी बंगले का सुख भोगा है।





