चैत्र पूर्णिमा से जुड़ा है हनुमान जी का विशेष नाता, जानें इस दिन का महत्व
चैत्र माह में नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है और चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का दिन भी बहुत शुभ दिन माना जाता है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार चैत्र पूर्णिमा के दिन पवनपुत्र हनुमान का जन्म हुआ था और इसी वजह से इस दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। चैत्र पूर्णिमा के हनुमान जी की पूजा करने से उनके भक्तों को मनचाहा परिणाम मिलता है और दान करने से उनके सभी पाप धूल जाते है। तो आइए जानते हैं चैत्र पूर्णिमा की तिथि एवं शुभ मुहूर्त के बारे में..
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चैत्र पूर्णिमा 2022 तिथि
पंचांग के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि का 16 अप्रैल दिन शनिवार को है लेकिन इस बार 17 अप्रैल दिन रविवार को इसको मनाने का दिन है।
चैत्र पूर्णिमा का पंचांग
सूर्योदय: सुबह 06:55 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:42 बजे
राहुकाल: सुबह 09:04 बजे से सुबह 10:41 बजे तक
भद्रा: सुबह 05:51 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक

हनुमान जी की पूजा करने की विधि
चैत्र पूर्णिमा के दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा की जाती है और ऐसा करने से आपके जीवन से सभी संकट हमेशा के लिए दूर हो जाते है। पूजा के लिए आपको लाल लंगोट, सिंदूर, लड्डू, गुड—भुंगड़े चमेली तेल का इस्तेमाल जरूर करें। इसके बाद आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और व्रत रखना नहीं भुले।





