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कांग्रेस आलाकमान दिल्ली से राजस्थान का एक तीर से निकालेगा दो समाधान, जानें पूरा फॉर्मूला

प्रकाशित: Aug 24, 2022 16:45रिपोर्ट: Navtej TV

कांग्रेस पार्टी इन दिनों अपने नए अध्यक्ष के चुनावों को लेकर जबरदस्त संकट में फंसी हुई है क्योंकि राहुल गांधी ने पार्टी का अध्यक्ष बनने से साफ इनकार कर दिया है और इसी वजह से कांग्रेस को अब नए चेहरे पर विचार करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। राजनीति के जानकारों की मानें तो कांग्रेस आलाकमान इन दिनों एक ऐसा फॉर्मूला तैयार कर रहा है जिससे एक तिर से दो निशाने साधे जा सकते है, जी हां पार्टी को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जरूरत है तो दूसरी तरफ राजस्थान में मचे घमासान का भी अंत करना है।

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राजस्थान की राजनीति में पायलट और गहलोत की जंग दिल्ली तक पहुंच गई है और पिछले 2 साल से पार्टी की जंग दिल्ली आलाकमान के लिए सिरदर्द बनी हुई है क्योंकि किसी को नाराज करने से पार्टी पर संकट आता है। इसी संकट से बचने के लिए आलाकमान ने ये फॉर्मूला तैयार किया है जो पायलट और गहलोत की जंग को खत्म करने के साथ देश को कांग्रेस का नया राष्ट्रिय अध्यक्ष देगा।

कांग्रेस इस समय सबसे खराब दौर से गुजर रही है और इसके बाद भी उनके पास नेतृत्व की कमी है जो इस संकट से पार्टी को बाहर निकाल सके। इसी वजह से गांधी परिवार अपने सबसे भरोसेमंद सीएम गहलोत को पार्टी की कमान देने की तैयारी में लगा हुआ है लेकिन गहलोत का मन अभी राजस्थान छोड़ने का नहीं है लेकिन इस बार उनको गांधी परिवार की बात माननी होगी और अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालनी होगी। सीएम गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है और इस समय कांग्रेस को उनके जादू की जरूरत है जो देश में कांग्रेस को फिर से जिंदा कर सके और बीजेपी का डटकर मुकाबला कर सके।


इसी बीच खबरे आ रही है कि गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी बने रहने का सुझाव दिया गया हैं लेकिन ऐसा होता है तो इसका पार्टी को किसी प्रकार का फायदा नहीं होगा। राजस्थान कांग्रेस 2023 की विधानसभा चुनावों में फिर से जीत की तैयारी में लगी है लेकिन उनकी आपसी जंग ही उनको डुबाने में लगी हुई है क्योंकि उनके पास न तो राष्ट्रिय अध्यक्ष है और ना पार्टी एकजूट है।

पायलट लंबे समय से आलाकमान के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं और समय रहते फैसला नहीं लिया गया तो इसका नुकसान कांग्रेस को होगा। इसी वजह से राजस्थान की जंग जितने के साथ नए अध्यक्ष की तलाश भी खत्म करने और इसी वजह से गहलोत को दिल्ली में राष्ट्रिय अध्यक्ष पद तो पायलट को सीएम पद देने का ऐलान किए जाने की तैयारी है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूरा गांधी परिवार आज विदेश जा रहा है। सोनिया गांधी के मेडिकल चैकअप के लिए यूएस जा रहे हैं और इसी वजह से पार्टी के बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि उनकी अनुपस्थिति में वह ध्यान रखें।