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राष्ट्रिय अध्यक्ष की रेस से गहलोत हुए आउट तो दिग्विजय की हुई एंट्री, राजस्थान का फैसला जल्द

प्रकाशित: Sep 29, 2022 19:07रिपोर्ट: Navtej TV

कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्थान का विवाद जल्द खत्म होता हुआ दिख रहा है और क्योंकि दिल्ली आलाकमान ने अब गहलोत की जगह दिग्विजय सिंह को अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी है। दिग्विजय को राहुल गांधी का राजनीतिक गुरू माना जाता है और गांधी परिवार उन पर पूरा विश्वास करता है।

बताया जाता है कि राहुल की भारत जोड़ों यात्रा का पूरा प्लान दिग्विजय ने बनाया है जो सफल होता दिख रहा है। उन्होंने कहा है कि वह नामांकन फॉर्म लेने आए है और कल नामांकन करेंगे। दिग्विजय सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे तो वेणुगोपाल ने सोनिया से मुलाकात के बाद कहा की राजस्थान का फैसला भी जल्द होगा।

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राजस्थान की सियासी घटनाक्रम के चलते पूरे देश में दिल्ली आलाकमान की जमकर किरकिरी हुई और इसके कारण सवाल खड़े हो रहे है कि अपने आप को गांधी परिवार का वफदार कहने वाले सीएम गहलोत ने इतने बगावती तेवर कैसे दिखाए। इतना सब होने के बाद आलाकमान इतना लाचार है कि वह कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहा है अगर ऐसा ही रहा तो यह संदेश बीजेपी को हमला बोलने का मौका देगा।

गहलोत ने अपने आपको सीएम पद पर बने रहने के लिए गांधी परिवार का भरोसा जीता था लेकिन अब उनके ही फैसले को चुनौती देना कई सवाल खड़े कर रहा है। गहलोत ने कहा कि विधायक उनकी बात नहीं मान रहे है तो यह कैसी सरकार है जहां सीएम की बात नहीं मानी जा रही है और दिल्ली का आदेश मानने की जगह उन पर दबाव बना रहे हैं।


राजस्थान में गहलोत समर्थक विधायकों के बागी तेवरों के बाद गांधी परिवार नाराज हैं। लेकिन अब तस्वीर साफ हो गई है कि गहलोत अध्यक्ष नहीं बनेंगे और सीएम पद पर कितने दिन बने रहेंगे इसका फैसला भी जल्द होगा। पायलट आलाकमान के कहने पर इतने दिनों से शांत है और उनका सब्र भी टूटता नजर आ रहा है कि क्योंकि उन जमकर हमला बोला जा रहा है। आज की मुलाकात में गहलोत अपने साथ अपने विधायकों के बचाव में तर्क देंगे और गांधी परिवार को मनाने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन अब लोगों के लिए यह सियासी ड्रामा बन चुका है और देखना होगा ऊँट किस करवट बैठेगा।