सीएम पद की दौड़ में डोटासरा और जोशी काटेंगे पायलट का पत्ता, गहलोत का नया प्लान
कांग्रेस को जल्द नए राष्ट्रिय अध्यक्ष के रूप में अशोक गहलोत का नेतृत्व मिलेगा लेकिन इसके बाद भी राजस्थान में सियासी जंग कम होने का नाम नहीं ले रही है। गहलोत ने यह तो स्वीकार कर लिया है कि वह राष्ट्रिय अध्यक्ष बनेंगे लेकिन सीएम पद के लिए वह किसको मौका देंगे इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। वहीं दूसरी तरफ पायलट एक्शन मोड़ में नजर आ रहे हैं और जयपुर पहुंचकर विधायकों से मिलना शुरू कर दिया है।
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पायलट और गहलोत ने कहा जो आलाकमान चाहेगा वह सीएम बनेगा। लेकिन गहलोत ने इस बार भी पायलट को मात देने के लिए डोटासरा या सीपी जोशी को सीएम बनाने की पैरवी की है। क्योंकि दोनों के मध्य जो जंग चल रही है उसे देखकर गहलोत पायलट की जगह अन्य को सीएम बनाने का प्रयास करेंगे।आलाकमान चाहता है राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजस्थान का फैसला एक साथ हो जाए। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्णय से पहले राजस्थान का निर्णय किया जाए तो अच्छा होगा।

गहलो हर बार यही बात कहते है कि वह दिल्ली रहे या अन्य जगह लेकिन वह राजस्थान की सेवा करते रहेंगे। इसी वजह से गहलोत चाहते है कि वह डोटासरा या जोशी को सीएम बनाकर अपनी पकड़ बनाए रखे। लेकिन आलाकमान भी पायलट को सीएम बनाने का फैसला कर चुका है वह नहीं चाहता है कि गहलोत और पायलट के बीच दूरियां बढ़े नहीं क्योंकि अगर ऐसा होता है तो इसका नुकसान पार्टी को सबसे ज्यादा होगा। डोटासार जाट वोट बैंक के कारण अपना दावा मजबूत कर रहे है तो जोशी सीनियर होने के कारण इस रेस में सबसे आगे चल रहे है। अगर पायलट को मौका नहीं मिला तो यह उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका होगा।





