शरद पूर्णिमा की रात बस आने को हैं...
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 09 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। इसे रास पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के बहुत पास होता है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात धन की देवीयानि माँ लक्ष्मी धरती पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इस दिन पूजा के साथ कुछ उपाय करने से जीवन में खुशियां आती हैं। अगर आप माँ लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन कुछ उपाय जरूर करें। आइए जानते है उन उपायों के बारे में...
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दूध की खीर
शरद पूर्णिमा की रात चाँद से निकलने वाली किरणें अमृत के सामान मानी जाती हैं। यही वजह है कि इस दिन खीर बनाई जाती है और रात में चाँद की रोशनी में रखी जाती है, जिससे खीर में चाँद की रोशनी पड़े और इसमें भी अमृत का प्रभाव हो सके। ऐसे में इस दिन खीर बना कर रात के समय में चंद्रमा की रोशनी में रखें और उसके बाद खीर का सेवन करें। इससे अच्छा स्वास्थ्य और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

बीमारी से मुक्ति के लिए
अगर कोई व्यक्ति किसी बीमारी से घिरा हुआ है या आपके घर में बीमारी का माहौल बना हुआ रहता है तो सफेद कपड़े पर चावल रख दें। कुछ देर चाँद की रोशनी में रखने के बाद उसको अगली सुबह किसी मंदिर में दान कर दें। ऐसा करने से स्वास्थ्य में सुधार होगा।

माँ लक्ष्मी होंगी प्रसन्न
शरद पूर्णिमा की रात कुछ देर के लिए गाय का देसी घी चाँद की रोशनी में रखें। फिर इस घी को उठाकर सुरक्षित रख दें और दीपावली पर इस घी का दीपक प्रज्वलित करें। इससे माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में खुशी का वातावरण बनता है।
बाधा दूर करने के लिए
शरद पूर्णिमा की रात चाँद की रोशनी में गंगाजल रखें और उस गंगा जल से भगवान शिव का अभिषेक करें। इससे आपके जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।





