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राजस्थान: पायलट के खौफ में बीत गये गहलोत सरकार के तीन साल, जानें तीन साल का सियासी ड्रामा

प्रकाशित: Dec 17, 2021 10:51रिपोर्ट: Navtej TV

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने अपने तीन वर्ष सफलतापूर्वक बीत जाने पर प्रदेश की जनता को बधाई दी है। तीन साल के इस सफर में राजस्थान के चहुंमुखी विकास के लिए पूरा प्रयास किया है। सीएम गहलोत ने ट्वीट करते हुए कहा कि पारदर्शी एवं जवाबदेह सरकार के सफल 3 वर्ष पूर्ण होने पर जननता को हार्दिक बधाई देते हुए प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की है। सीएम ने कहा कि 18 और 19 दिसंबर को “आपका विश्वास-हमारा प्रयास” कार्यक्रम के तहत प्रदेश को 14 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 3,700 विभिन्न विकास योजनाओं का तौहफा देंगे। सरकार चौ​थे साल में प्रेवश करने जा रही है और ऐसे में जनता के लिए अपना खजाना खोल दिया है।

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यह बात भी किसी से छूपी नहीं है कि सरकार के 3 साल तो अपनी सरकार बचाने में ही चले गये और एक समय तो ऐसा आ गया था कि सरकार को एक होटल के कमरों में बद होना पड़ गया था। उस समय लगा की गहलोत सरकार अल्पमत में चली गयी है लेकिन गहलोत ने अपनी जादूगरी से इसे बचा तो लिया लेकिन गुटबाजी को खत्म नहीं कर सकें।

गहलोत सरकार को इस बार विपक्ष ने नहीं उनकी ही पार्टी के नेताओं ने मुश्बित में डाल दिया ​था। सीएम गहलोत ने अपनी सरकार के कार्या को कमाल का बता रही है तो राजस्थान की जनता भी तीन साल के शासन काल कमाल का बता रही है। कांग्रेस सरकार के 3 साल में से 15 माल तो पायलट से लड़ने में निकल गये, 4 माल कोरोना में चले गये और 15 महीने पायलट से हुए समझौतों को पूरा करने में चले गये। इसके बाद दोनों गुटों की लड़ाई को शांत करने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार हुआ तो सरकार के 3 साल पूरे हो गये है।

इसके बाद सीएम ने जनता की सूध ली है और बड़ी—बड़ी घोषणाएं कर दी है। जबकि इन 3 सालों में सियासी ड्रामा आम जनता के लिए परेशानी भरा रहा है। विपक्ष में बैठी बीजेपी भी गहलोत सरकार की चुटकी लेती है और कहती है कि यह सरकार जल्द ही जाने वाली है और इसकी वजह इनके ही विधायक है। अमित शाह ने भी साफ कर दिया है कि गहलोत सरकार को हम नहीं गिरा रहे हैं उनके ही लोग गिरा रहे हैं इनके 2 साल भी ऐसे ही रहेंगे उसे बाद इनको जनता विपक्ष में बैठने लायक भी नहीं छोड़ेगी।


सीएम को इस बात का ध्यान रखना होगा कि 3 साल में बेरोजगारों की हालात खराब हो गयी है और रीट जैसी भर्ती में 3 साल की देरी के कारण पद बढ़ाने की मांग उनके ही विधायक कर रहे हैं तो पद बढ़ाने में इतनी देरी क्यों हो रही है। पद बढ़ाने को लेकर बेरोजगार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ कानून व्यवस्था भी सरकार के लिए परेशानी बनी हुई है तो शिक्षकों के तबादले और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का मामला भी सरकार के लिए परेशानी बना हुआ है।

सीएम गहलोत फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा तो कर रहे हैं लेकिन उनके 3 साल तो उठापठक में निकल गये बचे 2 साल भी इस तरह निकलने वाले है। पायलट—गहलोत गुटबाजी अभी भी कम नहीं हुई है और इस वजह से जनता भी कांग्रेस से परेशान हो गयी है। अगर सरकार ही स्थिर नहीं है तो जनता का विकास पर ध्यान कैसे देगी और 3 साल में विकास नहीं हुआ तो 2 साल में विकास की बात लोगों को हजम नहीं हो रही है।