गुलाबचंद कटारिया की फिर फिसली जुबान तो शुरू हो गया विरोध
राजस्थान नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में बने रहते है और एक बार फिर सुर्खियों में छाये हुए है। मंगलवार को पन्नाधाय मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में भाषण के दौरान गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर के पूर्व राजा उदयसिंह को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसके कारण एक समाज विशेष के लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि उदयसिंह को पत्तल की टोकरी में सुरक्षित ले जाने वाला हरिजन था। इस बात को लेकर कटारिया पर आरोप लगे है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। वारी समाज भी इस बयान के विरोध में उतर आया है वारी समाज ने कहा कि कीरत वारी समाज का था जो पत्तल.दोने बनाने और खाना बनाने का काम करता था ना की वाल्मिकी था।

अपने इस बयान पर गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि जूठन के पत्तल वारी समाज नहीं ले जाता और उसका काम सफाई करने वाला करता है। कवियों ने वर्षों पहले अपनी कविताएं बनाई है, मैंने तो कवियों के भाव को प्रकट किया है।





