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हनुमान बेनीवाल की फिर बढ़ीं मुश्किलें पुराने केस में हुई FIR दर्ज

प्रकाशित: Jun 02, 2026 18:27रिपोर्ट: Navtej TV

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद सामने आ चुका है। आपको बता दे नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पहले सरकार के खिलाफ उनकी विवादित टिप्पणी को लेकर उनकी सुरक्षा में तैनात तीन पीएसओ हटा दिए गए थे, और अब एक पुराने मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कारण मामले ने और तूल पकड़ ली है.. वही अब यह पूरा मामला करीब पांच महीने पुराना है, जो जनवरी 2026 में हुए एक बड़े आंदोलन और हाईवे जाम से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है... उस समय बजरी के अवैध खनन के विरोध में बेनीवाल ने जयपुर कूच का आह्वान किया था। रियाबड़ी क्षेत्र में आयोजित सभा के बाद बड़ी संख्या में समर्थक और वाहन नेशनल हाईवे-58 की ओर बढ़े थे, जिसके चलते हालात बिगड़ पूरी तरह से बिगड़ गए थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक , करीब 150 वाहनों का काफिला और लगभग 200 से 250 लोगों की भीड़ हाईवे पर पहुंच गई थी। इसके बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित हो गया इस दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। अब इसी पुराने प्रकरण को लेकर पादूकलां थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है। यह एफआईआर पादूकलां एसएचओ की ओर से दर्ज की गई है, जिसमें हनुमान बेनीवाल समेत कुल 14 लोगों को नाम सामने आये है। इस पुरे मामले में आरोप है कि काफिले में शामिल वाहनों ने धीमी गति से चलते हुए हाईवे पर यातायात बाधित किया और प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना की गई। और अब इसी आधार पर अब पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाई है। पुलिस ने इस केस में BNS 2023 की धारा 189(2), 223, 285 सहित राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 8(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इसके साथ ही जांच की जिम्मेदारी सहायक उपनिरीक्षक सीताराम को सौंप दी गई है और सभी पहलुओं की हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी इधर, इस एफआईआर के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो चुकी है और विपक्षी तथा समर्थक दोनों ही पक्षों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। राज्य की राजनीति में यह मामला एक बार फिर नया विवाद बनकर उभर आया है, जिससे आने वाले दिनों में सियासी तनाव और बढ़ने की संभावना है।