सौम्या गुर्जर और पत्रकारिता विश्वविद्यालय मामले में गहलोत सरकार को बड़ा झटका
आज का दिन गहलोत सरकार के लिए अच्छा नहीं रहा पहले सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया और इसके बाद राज्यपाल ने भी सरकार के फैसलों पर रोक लगा दी है। गहलोत सरकार ने सौम्या गुर्जर के निलंबन मामले में फैसला आने से पहले ही ग्रेटर निगम की कार्यवाहक महापौर शील धाभाई का कार्यकाल 2 महीने के लिए बढ़ा दिया है।
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लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सौम्या गुर्जर को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के सौम्या गुर्जर के निलंबन के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक जांच पूरी होने तक रोक लगा दी है। इस मामले में कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है और इस फैसले के बाद सौम्या गुर्जर के घर पर जश्न मनाया जा रहा है। इस फैसले के बाद सौम्या गुर्जर अपने पद पर फिर बहाल होगी। जयपुर नगर निगम ग्रेटर में आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ अभद्रता के मामले में राज्य सरकार ने पिछले सौम्या गुर्जर को महापौर के पद से निलंबत कर शील धाबाई को कार्यवाहक मेयर बनाया था।
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वहीं बात करें हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर गहलोत सरकार को बड़ा झटका लगा है। कुलपति ओम थानवी द्वारा भर्ती किए जाने पर विधायक वासुदेव देवनानी ने राज्यपाल को पत्र लिखा था और इसके बाद राज्यपाल ने इस पर रोक लगा दी है।

देवनानी ने आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय में भर्ती के लिए योग्यता को अपनी सुविधानुसार बदल दिया गया है और थानवी ने अपने विश्वविद्यालय में प्रचलित नियमों का उल्लंघन करके एक असिस्टेंट प्रोफेसर को डीन बना बनाया है। इस प्रकार के आरोपों के बाद राज्यपाल ने भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करने के निर्देश जारी किए है।





