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चैत्र नवरात्रि में करें मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा करने से बदल जाएगी आपकी किस्मत

प्रकाशित: Mar 31, 2022 20:02रिपोर्ट: Navtej TV

2 अप्रैल से चैत्र नवरात्र की शुरूआत होने जा रही है और चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है, मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के 9 दिनों में शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, स्कन्द माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, तो आइए जानते हैं नवरात्रि की पूजा विधि और किस दिन मां के किस रूप की होती है पूजा।

1. शक्ति की प्रथम उत्पत्ति शैलपुत्री के रूप में ही हुई थी, मां शैलपुत्री के सामने धूप, दीप जलाएं और देसी घी का दीपक जलाकर मां की आरती उतारें। इसके बाद शैलपुत्री माता की कथा, दुर्गा स्तुति या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
2. ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा के समय अपने हाथों में एक फूल लेकर देवी का ध्यान करें। इसके बाद उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं, फिर फूल, कुमकुम, सिंदूर अर्पित करें। बता दें की देवी को सफेद और सुगंधित फूल प्रिय हैं।
3. मां चंद्रघंटा की पूजा से पहले उनकी मूर्त को गंगा जल से स्नान कराया जाता है इसके बाद धूप-दीप, रोली , फूल- फल अर्पित करते हुए मां का ध्यान करें और मन में ऊं चंद्रघण्टायै नम: का जप करते रहें।
4. कलश की पूजा करते हुए माता कूष्मांडा को नमन करें और मां को जल और पुष्प अर्पित करें, इस दिन पूजा में बैठने के लिए हरे रंग के आसन का इस्तेमाल करें।

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5. स्कंदमाता की प्रतिमा स्थापित करते हुए इसका गंगाजल से शुद्धिकरण करें, चौकी पर मिट्टी, तांबे या फिर चांदी के घड़े में जल भरकर उस पर कलश रखें और देवी का ध्यान करें। स्कंदमाता को केले का भोग जरुर लगाएं।
6. देवी कात्यायनी की पूजा अर्चना करते समय लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें, कात्यायनी देवी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं और पुष्प भी चढ़ाएं। इसके असाला मां को पीले रंग के फूलों के साथ कच्ची हल्दी की गांठ भी चढ़ाएं।
7. मां कालरात्रि की प्रतिमा की स्थापना करने के बाद मां को कुमकुम, लाल पुष्प, रोली आदि चढ़ाएं, मां के मंत्रों का जाप करें या सप्तशती का पाठ करें। मां कालरात्रि को लाल रंग के फूल अर्पित करें।
8. देवी महागौरी की प्रतिमा को लकड़ी की चौकी या मंदिर में महागौरी की प्रतिमा की स्थापना करें, चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर महागौरी यंत्र की स्थापना करें। महागौरी को हलवा और चने का भोग लगाना चाहिए।
9. सिद्धिदात्री मां जगदंबा का पूर्ण स्वरूप है, सिद्धिदात्री की पूजा करते हुए मंत्रों का जाप करना चाहिए, मां सिद्धिदात्री को मौसमी फल, पूड़ी, खीर, नारियल, चना, और हलवा का भोग लगाना चाहिए।