जयपुर नगर निगम:अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हुआ टकरवा, फिर किया कार्य बहिष्कार
जनप्रतिनिधियों और नौकरशाओं में टकरवा की खबरे आती रहती है लेकिन ऐसा बहुत कम बार देखा गया है कि अधिकारियों के समर्थन में कर्मचारी भी जुड़ जाए। जयपुर ग्रेटर निगम में चुनावों के बाद से जनप्रतिनिधियों और नौकरशाओं में वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही है। लगभग 1 साल बाद हुई बैठक में आयुक्त यज्ञमित्र सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन यह प्रस्ताव आने से पहले ही विवाद का कारण बन गया।
इस प्रस्ताव के खिलाफ और आयुक्त के समर्थन में ग्रेटर के सभी कर्मचारी-अधिकारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए पेन डाउन कर दी और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्षदों और मेयर के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यालय पर काम बंद हो गया।
जयपुर ग्रेटर नगर निगम के पार्षदों के बीच जमकर हुई हाथापाई
लेकिन निगम के इतिहास में भी पहली बार हुआ है कि अपने साथी अधिकारी के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने एकजुट होकर मोर्चा खोला हो। इससे पहले पिछले महापौर सौम्या गुर्जर और आयुक्त यज्ञमित्र सिंह के बीच विवाद हुआ था जिसके कारण मेयर को अपनी कुर्सी से हाथ तक धोना पड़ा था। इसके बाद कोर्ट से उनको राहत मिली और फिर से मेयर बनी। मेयर ने साधारण सभा को जारी रखने का फैसला लेते हुए सुबह 10 बजे बैठक बुलाई थी।
कल ग्रेटर नगर निगम की साधारण सभा में जमकर हंगामा हुआ और बात हाथापाई तक पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस पार्षद के बीच जमकर हाथापाई हुई थी और इसके बाद दोनों ही पार्षदों को सदन से बाहर निकालना पड़ा था।





