जोधपुर हिंसा का सच आया सामने, इस्लामिक झंडे से हुआ विवाद
जोधपुर में दो समुदायों के बीच हुए तनाव के बाद फैली हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक्शन में दिख रहे है। उनके गृह जिले में हुई इस घटना को लेकर बीजेपी सीएम गहलोत से इस्तिफा मांग रही है तो दूसरी तरफ धर्म विशेष के लोगों पर कार्यवाही करने को लेकर आरोप लगा रही है।
इस घटना के बाद सीएमओ में आपात बैठक बुलाई है। सीएम ने जन्मदिन के सभी कार्यक्रम रद्द करते हुए सीएमओ पहुंच गए है। गहलोत ने साफ शब्दों में कह दिया है कि असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने में किसी प्रकार की लापरवाली नहीं की जाएगी। सीएम इस घटना का फीडबैक ले रहे है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
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गहलोत के जन्मदिन पर सीएम निवास पर बड़ी संख्या में लोग जूटे हुए थे लेकिन सीएम ने सभी कार्यक्रम रदृद कर दिए। लोगों ने सूरसागर इलाके में विधायक के घर के बाहर आगजनी की घटना को अंजाम दिया है तो केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने जोधपुर के 10 इलाकों में बुधवार तक कर्फ्यू लगा दिया है। इन 10 जगहो पर लगा है कर्फ्यू। उदयमंदिर,नागोरी गेट,सदर कोतवाली,सदर बाजार, सुरसागर, सरदारपुरा,खांडाफलसा,प्रतापनगर,देवनगर,प्रतापनगर सदर।

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि एक समुदाय के लोग जालोरी गेट इलाके में जुटकर फिर से उपद्रव फैलाने की कोशिश में लगे थे लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया। इस घटना में पुलिसकर्मी व मीडियाकर्मी भी घायल हुए है।





