मकर संक्रांति पर बन रहा है ये शुभ संयोग, नहीं करें ये गलती
नए साल के पहले महीने में 14 जनवरी का दिन मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है और इन दिन को लोग कई प्रकार से मनाते हैं। इस दिन को मनाने के पीछे सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना बताया जाता है। इसे उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है और भगवान सूर्य के पूजन का सबसे बड़ा पर्व होता है। देशभर के दक्षिण भारत में पोंगल का त्योहार तो गुजरात, महाराष्ट्र में उत्तरायणी का त्योहार तो राजस्थान में मकर संक्रांति के रूप में इसे मनाया जाता है।
इस बार मकर संक्रांति रोहिण नक्षत्र में मनाई जाएगी
हर साल जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो इस दिन को मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व होता है और मकर संक्रांति का पर्व इस साल 14 जनवरी को शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। इस बार ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति पर विशेष संयोग बन रहा है जो बहुत कम बार बनता है। इस दिन से देश में दिन बड़े और रातें छोटी होनी शुरू हो जाती है और शीत ऋतु का प्रभाव कम होने के साथ वसंत ऋतु का आगमन होता है।
इस वर्ष मकर संक्रांति की शुरुआत रोहणी नक्षत्र में होगी और शास्त्रों के मुताबिक रोहिणी नक्षत्र बहुत ही शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान-धर्म करना बहुत ही लाभदायक होता है और गाय को हरा चारा खिलाना भी अच्छा माना जाता है। अगर आपकी शादी ,व्यापार, नौकरी जैसी कई प्रकार की समस्याओं से छूटकारा पाने के लिए इस दिन दान करना नहीं भूले।

ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने में आपको किसी प्रकार की हानि नहीं होगी। इस दिन पवित्र नदियों में डुबकी लेने से आपके पाप धूल जाएंगे और मोक्ष की प्राप्ति होती है।





