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अखिल भारतीय मजदूर संघ ने जयपुर में निकाली आक्रोश रैली

प्रकाशित: May 07, 2022 23:25रिपोर्ट: Navtej TV

प्रदेश की गहलोत सरकार भले ही पुरानी पेंशन स्कीम लागू करके कर्मचारियों को रिझाने की कोशिश कर रही हो, लेकिन इस घोषणा के बाद भी कर्मचारी सरकार से खुश नहीं हैं. सरकार की मजदूरों और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय मजदूर संघ ने शुक्रवार को राजधानी जयपुर में आक्रोश रैली निकाली. साथ ही सरकार को 22 सूत्री मांगों का ज्ञापन भी सौंपा, वहीं इस रैली में 285 यूनियन से जुड़े लोग पहुंचे।

अखिल भारतीय मजदूर संघ ने शहीद स्मारक से सिविल लाइन फाटक तक मजदूर आक्रोश रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया, रैली को संगठन के अखिल भारतीय महामंत्री विनय कुमार सिन्हा और क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजबिहारी शर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया, वहीं सभा को संबोधित करते हुए संगठन के अखिल भारतीय महामंत्री विनय कुमार सिन्हा ने कहा कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना एक बहुत बड़ा विषय है, हम यह रैली सभी सरकारों चाहे वह केंद्र हो या राज्य सरकार सभी को जगाने के लिए कर रहे हैं. सरकारें अपने ही आदेश अभी तक लागू नहीं कर पा रही हैं. राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन की घोषणा की है. हम उसका स्वागत करते हैं, लेकिन यह भी मांग करते हैं कि इसमें निगम और उपक्रम के कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए.

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विनय कुमार सिन्हा ने कहा कि यदि सरकारें नींद से नहीं जागेंगी तो भारतीय मजदूर संघ उन्हें जगाने का माद्दा रखता है, उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र एवं राज्य सरकारों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने सहित सारे प्रावधान लागू करने के लिए आदेश पारित किया था. ग्रेच्यूटी के साथ-साथ स्थापना एवं सामाजिक सुरक्षा के सारे प्रावधान लागू हो, लेकिन अभी तक लागू नहीं हुआ है, वहीं संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजविहारी शर्मा ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ विश्व, भारत सहित राजस्थान का भी सबसे बड़ा संगठन है, राजस्थान सरकार ने श्रम विभाग की कमेटियों में स्थान न देकर सौतेला व्यवहार किया है. हम सरकार का सीधे विरोध करते हैं और तत्काल मांग करते हैं कि भामस को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए अन्यथा हम सरकार का आने वाले दिनों में लगातार विरोध करेंगे।


संघ की अन्य मांग है आशा सहयोगिनी, मिड-डे-मील वर्कर और ग्राम साथिन को वर्कर का दर्जा दिया जाए, उनका न्यूनतम वेतन 18000 रुपए प्रतिमाह किया जाए, स्थायी कार्यों में ठेका प्रथा बंद की जाए, रेलवे, बीएसएनल एवं डाक में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए वहीं कई मांगों को लेकर इन संगठनों ने प्रदर्शन किया।