मोहिनी एकादशी 2022: इस व्रत को करने भगवान विष्णु की होगी कृपा, मिलेगी पापों से मुक्ति
हिंदु धर्म में एकादशी का महत्व बहुत ज्यादा है और इसे सबसे पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन दान करने का भी विशेष महत्व होता है और वैशाख शुक्ल की एकादशी का महत्व इसलिए बढ़ जाता है। इस बार मोहिनी एकादशी व्रत 12 मई दिन गुरुवार का होगी। बताया जाता है कि इस दिन व्रत करने से सभी प्रकार के पाप और दुख हमेशा के लिए नष्ट हो जाते हैं।
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पौराणिक कथाओं के अनुसार बताया जाता है कि एक बार प्रभु श्रीराम ने अपने गुरु वशिष्ठ से एक ऐसे व्रत के बारे में बताने को कहा था कि जिसके करने से उनके जीवन में किसी प्रकार का कष्ट नहीं रहे। अपने शिष्य के प्रशन का जवाब देते हुए गुरू ने कहा मोहिनी एकादशी का व्रत करने से सारे पाप नष्ट होंगे और जीवन सफल हो जाएगा।
इसके पीछे एक पौराणिक कथा है जिसमें द्युतिमान नाम का एक राजा था और वह विष्णु भक्त था। उसने प्रजा के लिए भोजनालय, धर्मशाला आदि का निर्माण करवाया और उसके पांच बेटे थे। लेकिन उसका सबसे छोटा बेटा धृष्टबुद्धि महापापी था और हमेशा गलत काम करता रहता था। अपने पितरों का अपमान करता और मांस मदिरा का सेवन करने लेगा तो उसे नगर से बाहर कर दिया। इसके बाद भी उसने गलत काम करने नहीं छोड़े और जब पैसों की जरूरत पड़ी तो चोरी करने लग गया। राजा ने उसे नगर से बाहर निकाल दिया तो अन्न और जल की तलाश में भटकता हुआ जंगल में कौडिन्य ऋषि के आश्रम में पहुंचा।

तब उसे अपनी गलतियों का एहसास हुआ तो उसने कौडिन्य ऋषि से प्रार्थना करते हुए अपने पापों के बारे में बताया और उनसे मुक्ति पाने की भीख मांगने लगा। कौडिन्य ऋषि ने उस दया करते हुए मोहिनी एकादशी व्रत करने के बारे में बताया तो उसने उनकी बात मानकर ऐसा करने लग गया। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करने लगा तो उसके पापों का नाश हो गया है और वह गरुड़ पर सवार होकर विष्णु लोक चला गया।

