गोली का नहीं गला काटने का मिला था आदेश, इस फैक्ट्री में बनाए हथियार
उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या से पूरे देश में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और राज्य सरकार जनता से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है। लेकिन इस हत्याकांड का कारण नूपुर शर्मा का वह बयान था जिसमें पैगंबर के खिलाफ अपमानजक बयान दिया था। इस बयान का विरोध दुनिया के सभी मुस्लिम देशों ने जताया और नूपुर के खिलाफ आग उगलने लग गए। इसके बाद नूपुर के समर्थन में कई हिन्दु संगठन भी खड़े हो गए तो मामला बहुत ही गंभीर हो गया।
Nupur Sharma पूरे देश के लिए खतरा- SC
इसके बाद सोशल मीडिया पर जमकर आग उगलनी शुरू हो गई तो कन्हैयालाल भी इसकी चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि पैंगबर को लेकर गलती से उसने एक पोस्ट कर दी जिसके कारण उसे धमकियां मिलनी शुरू हो गई और उस दिन से ही उसकी मौत का काउंटडाउन शुरू हो गया। लेकिन हत्यारे सही समय का इंतजार कर रहे थे और अपनी मौत से बेखबर कन्हैयालाल दुकान में अपनी ही मौत का कफन सिलने वालों की नाप लेना शुरू कर दिया और देखते ही देखते हत्यारे धारदार हथियार से ताबड़ तोड़ हमले करने शुरू कर देते है और कुछ देर बाद दुकान से खून की नदी बहनी शुरू हो जाती है और हत्यारे वहां से फरार हो जाते है।
पुलिस की जांच से पता चलता है कि हत्यारों का असली मकसद आतंक की दहशत कायम करना था। इसी वजह से कन्हैयालाल को गोली से नहीं आतंकवादी संगठन ISIS की तरह गला काटने का फैसला किया ताकि देखने वालों की रूह कांप जाए। इस हत्याकांड में कई और लोग शामिल थे और उनकी गिरफ्तारियां होनी शुरू हो गई है।

गौस मोहम्मद और रियाज जब्बार को ट्रेनिंग देने वाले आकाओं ने उनको पहले ही कहा था कि सिर कलम का वीडियो बनाना। आरोपियों ने उदयपुर की इंजीनियरिंग फैक्ट्री से इन धारधार हथियारों को तैयार किया जिनसे सर को आसानी से धड़ से अलग किया जा सकता था। गौस मोहम्मद वेल्डर का काम करता था और पुलिस ने इसी फैक्ट्री से कई खतरनाक हथियार बरामद किए हैं।
हत्यारों ने एक वॉट्सऐप पर एक ग्रुप बना रखा था और कन्हैयालाल की हत्या के बाद पुलिस उन्हें पकड़ भी ले तो दूसरे साथी नुपूर शर्मा की पोस्ट का समर्थन करने वाले लोगों का इसी स्टाइल में सिर कलम करते रहे। इस हत्याकांड की तुलना तालिबान से की जा रही है और हत्यारों की फांसी की मांग की जा रही है।





