नई पार्टी के बहाने पायलट को किया गया बदनाम, जानें इस झूठ की कहानी
राजस्थान में इन दिनों बीजेपी और कांग्रेस के लिए अपने ही स्थानिय नेता कलह का कारण बने हुए है। दोनों ही दल के दिग्गज नेता सीएम पद की दावेदारी करने के लिए अपने-अपने गुट की ताकत दिखाने में लगे हुए है। लेकिन सत्ताधारी कांग्रेस के लिए 5 साल गुटबाजी में निकले है और चुनावों के समय में भी ऐसा ही नजर आ रहा है। पायलट और गहलोत एक दूसरे को सीएम पद की दोड़ में बनाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। लेकिन दिल्ली आलकमान ने दोनों नेताओं से बात करके विवाद तो खत्म कर दिया लेकिन पायलट के तेवर देखकर लग नहीं रहा है कि वह पार्टी पर फिर से भरोसा करने जा रहे हैं।
लेकिन 11 जून को लेकर मीडिया में एक खबर तेजी से प्रसारित है रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पायलट इस दिन नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। इस खबर को लेकर पायलट गुट हमलावर हो गया है उसने कहा है कि ऐसा कभी नहीं होगा। हर साल की तरह पायलट के पिता की याद में यह कार्यक्रम होता है और इस बार भी ऐसा हो रहा है। पायलट प्रगतिशील कांग्रेस नाम से बनाएंगे नई पार्टी का ऐलान करेंगे इसके बाद दिल्ली में बैठे नेताओं के होश उड़ जाएंगे।
11 जून को सचिन के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि है और ऐसे में बड़ी संख्या में जनसभा का आयोजन किया जा रहा है। इस बात को लेकर अफवाह उड़ी है कि पायलट कांग्रेस छोड़ रहे हैं। लेकिन अभी तक पायलट ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और पार्टी का ऐलान भी करते है तो उनको इसके लिए बहुत समय की जरूरत है। पायलट ने नई पार्टी के लिए आवेदन ही नहीं किया है तो पार्टी का ऐलान करने की खबर पूरी तरह से झूठी है।
Sachin Pilot बनाएंगे नई Party ? | Rajasthan News | Rajasthan Politics
पायलट को इस बात का पता है कि कांग्रेस और बीजेपी के अलावा राजस्थान में अन्य तीसरे विकल्प के दावे हर बार फेल साबित हुए है। जब तीसरे विकल्प के रूप में चुनाव लड़ा गया है उसके बाद नेताओं ने तीसरे विकल्प का नाम लेना ही बंद कर दिया है। बीजेपी के दिग्गज नेता किरोड़ी लाल मीणा, घनश्याम तिवाड़ी और हनुमान बेनीवाल ने ऐसा प्रयास किया लेकिन उनको ज्यादा सफलता नहीं मिली। पायलट कांग्रेस को छोड़कर जाते है तो उनके साथ के विधायक को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। राजस्थान में हर साल सत्ता परिवर्तन की परंपरा बनी हुई है और इसको तोड़ पाना दोनों पार्टी के लिए बहुत ही कठिन काम है।
इस झूठ की कहानी केवल पायलट को बदनाम करने के लिए रची गई ऐसा दावा किया जा रहा है। क्योंकि पायलट को दिल्ली आलाकमान ने इस बार पूरा भरोसा दिया है कि उनको बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। यह बात उनके विरोधियों को अच्छी नहीं लग रही है और इस वजह से 11 जून को लेकर यह अफवाह फैलाई जा रही है। इसका जवाब पायलट के विधायक ने कहा कि ऐसा आयोजन हर साल होता है लेकिन इस बार जो बात फैलाई जा रही है उसके पीछे भी एक वजह है।





