पितरों की आत्मा की शांति के लिए इस जगह करें श्राद्ध, होगी पुण्य की प्राप्ति
हिंदू धर्म के अनुसार पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज धरती पर आकर हमारे द्वारा दिया गया भोजन प्राप्त करते है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उसके जीवन में हमेशा परेशानी बनी रहेगी। पितृ पक्ष में कुछ ऐसे तीर्थ स्थल है जहां जाकर श्राद्ध और तर्पण करना बहुत शुभ माना जाता है।
हरिद्वार
इसके नाम से ही लगता है हरि का द्वार जो इंसान मर जाता है उसके शरीर को हरिद्वारा ले जाया जाता है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो उस इंसान की आत्मा को मोक्ष नहीं मिलता है। लेकिन आप श्राद्ध के दिनों उनको इस स्थान पर उनको भोजन देते है तो इससे आपको पुण्य की प्राप्ति होती है।
मथुरा
मथुरा भगवान कृष्ण की जन्म स्थली हैं और यहां पर पिंडदान समारोह किये जाते है। अगर आप यमुना नदी के तट पर पूर्वजों के लिए श्राद्ध रख कर उनका तर्पण करने करते है तो आपके जीवन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

उज्जैन
महाकाल की नगरी उज्जैन में पिंडदान के लिए आदर्श स्थान माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर हर साल हजारों लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने और पिंडदान करने के लिए आते हैं।
प्रयागराज
गंगा यमुना और सरस्वती नदी के संगम पर पिंडदान करने से आत्मा को शांति मिलती है। श्राद्ध को सभी लोग मानते है ऐसे में अपने घर की शांति के लिए पिंडदान जरूर करना चाहिए।

