इस कारण पितृ पक्ष में कौओं को खिलाया जाता है भोजन, जानें इसका पूरा सच
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष 10 सितंबर से शुरू हो गया है और इसका समापन 25 सिंतबर को होगा। इस बार 15 की जगह 16 दिन तक पितृ पक्ष मनाया जाएगा। इस दौरान पितरों की तिथि के अनुसार उनका तर्पण किया जाता है और उनका मनपसंद खाना भी बनाया जाता है।
इस दौरान ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है और दान दिया जाता है। लेकिन इन दिनों कौओं को खाना खिलाया जाता है और क्योंकि उनको पितरों का रूप माना जाता है। अगर इस दिन कौओं को खाना नहीं खिलाया तो आपको इसका भंयकर पाप लगता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान हमारे पितर कौओं के रूप में आते है। किसी भी तरह की आत्मा कौए के शरीर में प्रवेश कर सकती है और एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकती है। व्यक्ति की मौत होती है तो उसका जन्म कौआ योनि में जरूर होता है।

पितृ पक्ष के दौरान गाय और कुत्ते को भी भोजन कराया जाता है। अगर इन तीनों ने भोजन नहीं खाया तो आपको समझ जाना चाहिए की पितर आप से नाराज है। इस घटना के पीछे एक पौराणिक कथा भी जुडी है जिमसें श्री राम ने कौए को वरदान दिया था कि उसको मिला हुआ भोजन देवताओं को मिलेगा।





