इस श्राद्ध पर बन रहा है शुभ संयोग, जानें पितृपक्ष का पूरा कार्यक्रम
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से श्राद्ध शुरू होने वाले हैं और इस बार शनिवार 10 सितंबर से श्राद्ध शुरू हो जाएंगे। इस साल श्राद्ध पक्ष 15 दिन की बजाए 16 दिन के है। पितृपक्ष में ऐसा संयोग 15 साल बाद आया है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध निकला जाता है और उनकी आत्मा को शांत किया जाता है। इस दौरान हमारे पूर्वज हमारी सभी समस्याएं खत्म कर देते है। पितृपक्ष में गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना बहुत अच्छा माना जाता है। इस बार 17 सितंबर के दिन कोई श्राद्ध नहीं है और अंतिम श्राद्ध 25 सितंबर को होगा।

10 सितंबरः प्रतिपदा का श्राद्ध होगा
17 सितंबरः इस दिन कोई श्राद्ध नहीं है
19 सितंबरः नवमी का श्राद्ध महिलाओं के रूप में होता हैं और इसे मातृनवमी श्राद्ध भी कहते हैं
25 सितंबरः अमावस्या के दिन सर्वपिृत श्राद्ध होता है।





