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धर्म

इस दिन से शुरू होंगे श्राद्ध, जानें महत्व और पूजा विधि

प्रकाशित: Sep 05, 2022 21:38रिपोर्ट: Navtej TV

हिंदू धर्म में पितृपक्ष को लेकर कई प्रकार की मान्यताए है और इसी वजह से पितृपक्ष या श्राद्धपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए उनकी पूजा की जाती है। कई लोग इस दिन खाना भी खिलाते है तो कोई दान करता है ऐसा करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है।

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद की पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन अमावस्या तक पूरे सोलह दिन का समय पितृपक्ष के रूप में मनाया जाता है। तिथियों के अनुसार मृत पूर्वजों का श्राद्धकर्म किया जाता है। नवमी के दिन महिलाओं का श्राद्ध किया जाता है।

अश्विन मास नवमी तिथि, रविवार 18 सितंबर 2022


अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी कहा जाता है और इस दिन महिलाओं का श्राद्ध किया जाता है। इस दिन जल्दी स्नान करें और सफेद रंग के कपड़े पहनकर अपने मृत परिजन की तस्वीर रखें और माला चढ़ाएं। इस दिन गरुड़ पुराण का पाठ जरूर करें और भोजन करने से पहले पितरों का श्राद्ध निकाले। इसके बाद गाय, कौवा और ब्राह्मण आदि के लिए भी भोजन निकाले और दान करना नहीं भुले।