दिल्ली आलाकमान को गहलोत की सीधी चुनौती, पायलट के लिए दिखाए बगावती तेवर
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए दिल्ली आलाकमान ने अशोक गहलोत का नाम फाइनल कर चुके है लेकिन राजस्थान में जो सियासी घटानक्रम हुआ है उसे देखकर लग रहा है कि राजस्थान से सीधी दिल्ली को चुनौती दी गई है। क्योंकि गहलोत गुट के विधायकों ने जिस प्रकार से बगावती तेवर दिखाते हुए दिल्ली आलाकमान को चुनौती दी है उसे देखकर लग रहा है कि आने वाले दिनों यह जंग कांग्रेस को फिर से तोड़ने की कगार पर पहुंचा देगी। पायलट गुट को हावी नहीं होने देने के लिए गहलोत गुट ने ऐसा खेल खेला है कि पूरा देश गहलोत की जादूगरी को देखकर हंस रहा है।
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गहलोत ने अध्यक्ष बनने की बात स्वीकार कर ली है लेकिन पायलट को सीएम बनाने के लिए राजी नहीं है और ऐसे में दिल्ली बैठै नेताओं को साफ शब्दों में कह दिया है राजस्थान का फैसला दिल्ली से नहीं राजस्थान से होगा। गहलोत अब दिल्ली आलाकमान को चुनौती दे रहे है जो सबको समझ आ रहा है इस्तीफे का दबाव तो सब ने देखा लेकिन इसके पीछे किसी की सोच है वह किसी से छूपी हुई नहीं है।
गहलोत अपने उत्तराधिकारी के तौर पर सचिन पायलट के नाम पर राजी नही है। गहलोत खेमे के सभी विधायकों ने स्पीकर को इस्तीफा सौंपकर पायलट का विमान उड़ने से पहले ही क्रेस कर दिया। कांग्रेस को एक करने के लिए गहलोत को नई जिम्मेदारी दी जा रही है लेकिन उनके सामने जिस प्रकार की राजनीती हो रही है उससे दिल्ली आलाकमान की नींद उड़ गई है।

गहलोत समर्थक विधायक उग्र तेवर दिखा रहे हैं जो पायलट गुट को जवाब है। पायलट के नाम के अलावा किसी को सीएम बनाने का दावा किया जा रहा है और दिल्ली आलाकमान के फैसले को यह सीधी चुनौती है। सोनिया गांधी के कहने पर पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गहलोत को फोन किया था लेकिन गहलोत ने उनको ऐसा जवाब दिया जिसे सुनकर सबके होश उड़ गए। विधायकों की ऐसी दंबगई पर दिल्ली आलाकमान जल्द सख्त फैसला लेगा जिन्होंने उनकी बात नहीं मानी।





