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धर्म

इस श्मशान में जलती चिताओं के सामने नाचती है महिलाएं, जानें पूरा सच

प्रकाशित: Apr 09, 2022 17:29रिपोर्ट: Navtej TV

भारत देश में कई धर्मो के लोग रहते है और उनकी कई प्रकार की परंपराएं है जो अपने आप में बहुत अलग है। आज हम आपको एक ऐसी प्राचीन परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें महिलाएं जलती चिताओं के सामने नाचती है और जश्न मनाती है। वाराणसी के महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि नर्तिकाएं और नगरवधुएं जलती चिताओं के सामने नृत्य करती है।

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यह स्थान काशी विश्वनाथ बाबा मसान नाथ का दरबार हैं जहां यह परंपरा 350 साल पुरानी है। चैत्र नवरात्र की सप्तमी तिथि के दिन कई नगरवधुएं और नर्तिकाएं बाबा मसान नाथ के तीन दिवसीय वार्षिक श्रृंगार के अंतिम दिन नृत्य करती है। जलती चिताओं के सामने देर रात तक यह उत्सव मनाया जाता है।

यहां एक तरफ शवों को जलाया जाता है तो वहीं दूसरी ओर म्यूजिक सिस्टम पर नर्तिकाओं द्वारा डांस किया जाता है। बताया जाता है कि जलते शवों के सामने नृत्य करने से इस नारकीय जीवन से छूटकारा मिल जाता है। महिलाएं बाबा मसान के दरबार में अपनी आस्था प्रकट करती हैं और उनसे अगला जन्म अच्छा होने की कामना करती है। यह पुरानी परंपरा है जहां मातम भी उत्सव के रूप में मनाते है। जो श्रद्धा के साथ बाबा से मनोकामना करते हैं कि वे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

काशी के राजा मानसिंह ने श्मशान के स्वामी मसान नाथ के मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद उन्होंने एक संगीत का कार्यक्रम रखा लेकिन इस कार्यक्रम में कोई नहीं आया तो तवायफें डांस करने लगी और इसके बाद से यह परंपरा शुरू हो गयी।